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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   The rights of pregnant women are robbed: forced to buy sanitary pads amidst claims of free treatment.

प्रसूताओं के अधिकार पर डाका : मुफ्त इलाज के दावों के बीच सेनेटरी पैड खरीदने पर मजबूर

Mon, 19 Jan 2026 02:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 02:36 AM IST
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The rights of pregnant women are robbed: forced to buy sanitary pads amidst claims of free treatment.
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ।
लखनऊ। सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन राजधानी के प्रमुख महिला अस्पतालों की हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। क्वीन मेरी, डफरिन और झलकारी बाई जैसे प्रतिष्ठित अस्पतालों में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को सेनेटरी पैड जैसी बुनियादी सुविधा तक नसीब नहीं हो रही है। तीमारदारों को बाहर से महंगे दामों पर पैड खरीदने पड़ रहे हैं।
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सरकारी अस्पतालों में भर्ती प्रसूताओं को अस्पताल प्रशासन से मुफ्त पैड्स और हाइजीन किट उपलब्ध कराने की सुविधा है। लेकिन हकीकत यह है कि वार्डों में तैनात स्टाफ मरीजों से साफ कह देते हैं कि स्टॉक खत्म हो गया है।
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क्वीन मेरी में खानापूर्ति

केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती प्रसूताओं ने बताया कि उन्हें केवल दो बार ही पैड देकर खानापूर्ति की जा रही है। दो या तीन पैड पर्याप्त नहीं होते हैं, ऐसे में उन्हें बाहर से महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। पहले ही दवाइयों और जांच में पैसे खर्च हो रहे हैं और अब इन छोटी-छोटी चीजों के लिए भी जेब ढीली करनी पड़ रही है। यहां इलाज निजी अस्पतालों जितना महंगा पड़ रहा है।
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गरीब प्रसूताएं कपड़े का इस्तेमाल करने पर मजबूर

वीरांगना झलकारी बाई महिला अस्पताल और वीरांगना अवंती बाई महिला अस्पताल (डफरिन) में भर्ती प्रसूताओं ने बताया कि उन्हें अस्पताल की ओर से एक भी पैड नहीं दिया गया। बाहर से लाने के लिए कह दिया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर प्रसूताएं कपड़े का इस्तेमाल करने पर मजबूर हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रसूताओं का शरीर बेहद संवेदनशील होता है। ऐसे में घटिया स्तर की रूई या गंदे कपड़े से सर्जिकल इंफेक्शन और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे भविष्य में बांझपन जैसी दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।


Iप्रसूताएं जब तक अस्पताल में रहती हैं, उन्हें पैड दिया जाता है। अगर लापरवाही की जा रही है तो जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। I
I- डॉ. अंजू अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, क्वीन मेरी I

Iअस्पताल में प्रसूताओं को मुफ्त इलाज के साथ पैड की सुविधा दी जाती है। अगर कुछ वार्डों में पैड वितरित नहीं किया जा रहा है, तो वहां भी सुविधा मुहैया कराई जाएगी और जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। I
I- डॉ. राजेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, वीरांगना झलकारी बाई महिला अस्पतालI

Iसभी वार्डों में पता किया गया है। जिस भी वार्ड में नहीं दिया जा रहा है, वहां उपलब्ध कराया जाएगा। मैं स्वयं प्रसूताओं से फीडबैक लूंगी।I

I- डॉ. ज्योति मेहरोत्रा, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डफरिन अस्पतालI

प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ।

प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ।

प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ।

प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ।

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