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Lucknow News: नए सिरे से शुरू होगी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
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लखनऊ। गोमतीनगर स्थित भरवारा क्रॉसिंग पर प्रस्तावित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब नए सिरे से शुरू होगी। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अधिग्रहण प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाई हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को नई या संशोधित अधिसूचना जारी कर कानून के अनुसार पूरी कार्रवाई दोबारा करने का निर्देश दिया है। परियोजना की प्रगति पर निगरानी रखने के लिए स्वतः संज्ञान जनहित याचिका दर्ज करने का भी आदेश दिया।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश जनहित याचिका व अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने पाया कि प्रारंभिक अधिसूचना में भूमि अधिग्रहण से किसी परिवार के विस्थापन न होने का उल्लेख था, जबकि सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट इसके विपरीत थी। इस विसंगति के कारण पूरी अधिग्रहण प्रक्रिया कानूनी मानकों पर खरी नहीं उतरती है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि भरवारा आरओबी का निर्माण यातायात और जनहित के लिए जरूरी है, लेकिन प्रभावित लोगों के कानूनी अधिकारों से समझौता नहीं किया जा सकता। इस कारण सरकार को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के दो सप्ताह में अधिग्रहण प्रक्रिया पुनः शुरू करनी होगी। हाईकोर्ट ने यह निर्देश भी दिया कि पूरी प्रक्रिया छह माह में संपन्न की जाए।
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न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश जनहित याचिका व अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने पाया कि प्रारंभिक अधिसूचना में भूमि अधिग्रहण से किसी परिवार के विस्थापन न होने का उल्लेख था, जबकि सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट इसके विपरीत थी। इस विसंगति के कारण पूरी अधिग्रहण प्रक्रिया कानूनी मानकों पर खरी नहीं उतरती है।
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अदालत ने स्पष्ट किया कि भरवारा आरओबी का निर्माण यातायात और जनहित के लिए जरूरी है, लेकिन प्रभावित लोगों के कानूनी अधिकारों से समझौता नहीं किया जा सकता। इस कारण सरकार को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के दो सप्ताह में अधिग्रहण प्रक्रिया पुनः शुरू करनी होगी। हाईकोर्ट ने यह निर्देश भी दिया कि पूरी प्रक्रिया छह माह में संपन्न की जाए।
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