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Lucknow News: कल से टल जाएगा पांच लाख आबादी का पेयजल संकट
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लखनऊ। इंदिरा और गोमतीनगर की करीब पांच लाख की आबादी को पेयजल की आपूर्ति करने वाली कठौता झील का पानी संकट मंगलवार को पूरी तरह दूर हो जाएगा, क्योंकि झील को पानी देने वाली शारदा नहर रविवार से चालू हो गई है। करीब एक महीने से मरम्मत के कारण नहर बंद थी।
जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग ने मरम्मत के लिए 18 मई को शारदा सहायक नहर को 16 जून तक के लिए बंद किया था। इसी नहर से पानी कठौता झील को मिलता है। जिस समय नहर बंद रहती है, उस दौरान झील में एकत्र पानी से आपूर्ति की जाती है।
सिंचाई विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि रविवार सुबह लखीमपुर से पानी छोड़ दिया गया है। यह मंगलवार को झील तक पहुंच जाएगा। महाप्रबंधक ने बताया कि झील तक पानी पहुंचाने के लिए नहर के पानी का लेवल 5.16 मीटर तक लाना होता है। इस कारण लखीमपुर से पानी छोड़े जाने के बाद भी कठौता झील तक पानी मंगलवार शाम यानि 17 जून तक ही पहुंच पाएगा, क्योंकि देवा रोड पर माती के पास बने चेकडैम के पास पानी का लेवल बढ़ाया जाता है और फिर वहां से पाइपलाइन के जरिये गोमतीनगर में कठौता झील तक लाया जाता है।
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झील में पांच दिन का पानी
कठौता झील में जमा पानी से अधिकतम एक महीने तक ही आपूर्ति की जा सकती है। ऐसे में यदि सिंचाई विभाग पानी न छोड़ता, इस भीषण गर्मी में पांच लाख की आबादी को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता। पूर्व में कई बार सिंचाई विभाग ने तय समय से अधिक समय तक मरम्मत के लिए नहर बंद रखी थी, जिससे पेयजल की किल्लत हो चुकी है और शासन के दखल के बाद नहर शुरू हुई।
महानगर वार्ड के दर्जनभर मोहल्लों में पानी का संकट
राजधानी के महानगर वार्ड के दर्शगंज, मेंहदी टोला, विष्णुपुरी कॉलोनी, विष्णुपुरी विस्तार, चर्च रोड, दयाल फोर्ट, बाबा की संगत की लगभग 15 हजार आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। स्थानीय निवासी राजीव रस्तोगी, संजय गुप्ता, विष्णु ने बताया कि सेंट फिदेलिस स्कूल के पास ट्यूबवेल खराब होने से यहां घरों में तीन दिनों से पानी नहीं आ रहा है। इस पर रविवार को पार्षद हरिश्चंद्र लोधी का घेराव कर उन्हें समस्या बताई।
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जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग ने मरम्मत के लिए 18 मई को शारदा सहायक नहर को 16 जून तक के लिए बंद किया था। इसी नहर से पानी कठौता झील को मिलता है। जिस समय नहर बंद रहती है, उस दौरान झील में एकत्र पानी से आपूर्ति की जाती है।
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सिंचाई विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि रविवार सुबह लखीमपुर से पानी छोड़ दिया गया है। यह मंगलवार को झील तक पहुंच जाएगा। महाप्रबंधक ने बताया कि झील तक पानी पहुंचाने के लिए नहर के पानी का लेवल 5.16 मीटर तक लाना होता है। इस कारण लखीमपुर से पानी छोड़े जाने के बाद भी कठौता झील तक पानी मंगलवार शाम यानि 17 जून तक ही पहुंच पाएगा, क्योंकि देवा रोड पर माती के पास बने चेकडैम के पास पानी का लेवल बढ़ाया जाता है और फिर वहां से पाइपलाइन के जरिये गोमतीनगर में कठौता झील तक लाया जाता है।
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झील में पांच दिन का पानी
कठौता झील में जमा पानी से अधिकतम एक महीने तक ही आपूर्ति की जा सकती है। ऐसे में यदि सिंचाई विभाग पानी न छोड़ता, इस भीषण गर्मी में पांच लाख की आबादी को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता। पूर्व में कई बार सिंचाई विभाग ने तय समय से अधिक समय तक मरम्मत के लिए नहर बंद रखी थी, जिससे पेयजल की किल्लत हो चुकी है और शासन के दखल के बाद नहर शुरू हुई।
महानगर वार्ड के दर्जनभर मोहल्लों में पानी का संकट
राजधानी के महानगर वार्ड के दर्शगंज, मेंहदी टोला, विष्णुपुरी कॉलोनी, विष्णुपुरी विस्तार, चर्च रोड, दयाल फोर्ट, बाबा की संगत की लगभग 15 हजार आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। स्थानीय निवासी राजीव रस्तोगी, संजय गुप्ता, विष्णु ने बताया कि सेंट फिदेलिस स्कूल के पास ट्यूबवेल खराब होने से यहां घरों में तीन दिनों से पानी नहीं आ रहा है। इस पर रविवार को पार्षद हरिश्चंद्र लोधी का घेराव कर उन्हें समस्या बताई।