{"_id":"5f4f9e338ebc3e539b47eb06","slug":"tender-will-be-asked-for-the-lucknow-kanpur-expressway-next-month","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के लिए अगले महीने मांगे जाएंगे टेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के लिए अगले महीने मांगे जाएंगे टेंडर
Wed, 02 Sep 2020 06:59 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 02 Sep 2020 06:59 PM IST
विज्ञापन
केएमपी एक्सप्रेस वे
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए अगले महीने टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। परियोजना के लिए आवश्यक राशि भी मुहैया करा दी गई है। केंद्र व राज्य सरकार ने इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। हर महीने प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए किसानों से 550 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत की जा रही है। 4700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 63 किमी लंबा यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ स्थित एयरपोर्ट से शुरू होकर जाजमऊ के पास लखनऊ-कानपुर हाईवे में मिलेगा।
जमीन अधिग्रहण का खर्च एनएचएआई ही वहन करेगा। परियोजना के पूरा होने पर जहां लखनऊ और कानपुर के बीच यातायात सुगम हो जाएगा, वहीं बेहतर रोड और एयर कनेक्टिविटी होने से लेदर समेत तमाम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरि ने बताया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी पर है। अक्तूबर में टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। अगले महीने ही यह भी तय करेंगे कि कितने पैकेज में यह कार्य कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए किसानों से 550 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत की जा रही है। 4700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 63 किमी लंबा यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ स्थित एयरपोर्ट से शुरू होकर जाजमऊ के पास लखनऊ-कानपुर हाईवे में मिलेगा।
विज्ञापन
जमीन अधिग्रहण का खर्च एनएचएआई ही वहन करेगा। परियोजना के पूरा होने पर जहां लखनऊ और कानपुर के बीच यातायात सुगम हो जाएगा, वहीं बेहतर रोड और एयर कनेक्टिविटी होने से लेदर समेत तमाम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरि ने बताया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी पर है। अक्तूबर में टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। अगले महीने ही यह भी तय करेंगे कि कितने पैकेज में यह कार्य कराया जाए।
विज्ञापन