{"_id":"61bd8e9a556b420cfa164936","slug":"teachers-recruitment-applicants-protest-near-education-minister-s-home","type":"story","status":"publish","title_hn":"69000 शिक्षक भर्ती: अभ्यर्थियों का बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन, पुलिस से गुत्थमगुत्था, धक्कामुक्की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
69000 शिक्षक भर्ती: अभ्यर्थियों का बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन, पुलिस से गुत्थमगुत्था, धक्कामुक्की
Sat, 18 Dec 2021 01:04 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 18 Dec 2021 01:04 PM IST
सार
69 हजार शिक्षक भर्ती में हुई अनियमितता को लेकर अभ्यर्थियों ने शनिवार को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी पुलिस से धक्कामुक्की हुई।
विज्ञापन
प्रदर्शन करते अभ्यर्थी।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
69 हजार शिक्षक भर्ती में नियमानुसार आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को सैकड़ों शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के आवास पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को लेकर उनकी पुलिस से काफी धक्कामुक्की व गुत्थमगुत्था भी हुई। अभ्यर्थियों को उठाने पहुंचे पुलिस वालों को ही अभ्यर्थियों ने जकड़ लिया। अंत में सभी अभ्यर्थी हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजे गए।
विज्ञापन
आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों का कहना था कि इस भर्ती में ओबीसी वर्ग को 27% की जगह मात्र 3.86% आरक्षण दिया गया है तथा एससी वर्ग को इस भर्ती में 21% की जगह 16.6% आरक्षण दिया गया है।
विज्ञापन
ओबीसी वर्ग को इस भर्ती में उनके कोटे की 18598 सीट में से मात्र 2637 सीट ही दी गई है। जो पूरी तरह से गलत है। उनका यह भी कहना था कि इस भर्ती में बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 तथा आरक्षण नियमावली 1994 का उल्लंघन हुआ है।
विज्ञापन
अभ्यर्थियों का कहना था कि 29 अप्रैल 2021 को इस भर्ती में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी घोटाला मानते हुए अपनी एक रिपोर्ट जारी की है। इसलिए उस रिपोर्ट को लागू किया जाए तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सभी शिकायतकर्ताओं को न्याय दिया जाए। अभ्यर्थियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी थी कि मंत्री ने सदन में कहा कि उन्हें आयोग की रिपोर्ट नहीं मिली जबकि यह 8 महीने पहले ही आ चुकी है।