{"_id":"5bf45432bdec22276562495a","slug":"tainted-officer-of-commercial-land-will-be-removed-from-the-field","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी चोरी : फील्ड से हटाए जाएंगे वाणिज्यकर के ‘दागी’ अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी चोरी : फील्ड से हटाए जाएंगे वाणिज्यकर के ‘दागी’ अफसर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 21 Nov 2018 01:21 AM IST
विज्ञापन
GST, Tax
जीएसटी चोरी करने वाले व्यापारियों पर शिकंजा कसने के बाद वाणिज्य कर विभाग के ‘दागी’ अफसरों की पहचान कर उन्हें फील्ड से हटाकर मुख्यालय भेजने की तैयारी है। वाणिज्य कर आयुक्त की सबसे अधिक नजर सचल दल के दागी अधिकारियों पर है।
फील्ड में तैनात कई अधिकारियों और जीएसटी चोरी की शिकायतों के शासन में पहुंचने से साफ है कि अधिकारी अपना काम ईमानदारी से नहीं कर रहे हैं। इनमें अधिकांश शिकायतें सचल दल और विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) के अधिकारियों की हैं।
विभाग की इन्हीं दो विंग में तैनाती के लिए अधिकारी लामबंदी करते हैं। कानपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, आगरा जैसे जोन में तैनाती पाने के लिए वे मंत्री से लेकर सांसद व विधायकों तक से सिफारिश कराते हैं।
विज्ञापन
विभागीय सूत्रों का कहना है कि शासन स्तर पर पिछले दिनों हुई एक बैठक में दागी अफसरों को चिह्नित करने पर सहमति बनी थी। इस आधार पर जल्द ही वाणिज्य कर मुख्यालय को सचल दल, एसआईबी व फील्ड में तैनात दागी अफसरों का ब्योरा, सतर्कता जांच से घिरे अफसरों की संख्या और विभागीय जांच वाले अफसरों की सूची तैयार करने को कहा जाएगा।
विज्ञापन
फील्ड में तैनात कई अधिकारियों और जीएसटी चोरी की शिकायतों के शासन में पहुंचने से साफ है कि अधिकारी अपना काम ईमानदारी से नहीं कर रहे हैं। इनमें अधिकांश शिकायतें सचल दल और विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) के अधिकारियों की हैं।
विज्ञापन
विभाग की इन्हीं दो विंग में तैनाती के लिए अधिकारी लामबंदी करते हैं। कानपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, आगरा जैसे जोन में तैनाती पाने के लिए वे मंत्री से लेकर सांसद व विधायकों तक से सिफारिश कराते हैं।
विज्ञापन
विभागीय सूत्रों का कहना है कि शासन स्तर पर पिछले दिनों हुई एक बैठक में दागी अफसरों को चिह्नित करने पर सहमति बनी थी। इस आधार पर जल्द ही वाणिज्य कर मुख्यालय को सचल दल, एसआईबी व फील्ड में तैनात दागी अफसरों का ब्योरा, सतर्कता जांच से घिरे अफसरों की संख्या और विभागीय जांच वाले अफसरों की सूची तैयार करने को कहा जाएगा।