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कोरोना ने ली स्वाइन फ्लू वार्ड की जगह
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कोरोना की दहशत के बीच स्वाइन फ्लू का हमला
शहर में पांच नए मरीजों के साथ आंकड़ा पहुंचा 42
स्वाइन फ्लू वार्ड को बंद कर बना दिए कोरोना के आइसोलेशन वार्ड
स्वाइन फ्लू के मरीजों को दी जा रही घर में रुकने की सलाह
लखनऊ। कोरोना वायरस की दहशत के बीच राजधानी में स्वाइन फ्लू ने हमला तेज कर दिया है। मंगलवार को इसके पांच नए मरीज मिले, जिनमें दो बच्चे हैं। इसके साथ ही जनवरी से अब तक मरीजों का आंकड़ा 42 पहुंच चुका है। हालांकि, इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू वार्ड तक नहीं है। मरीजों को घर पर रुककर इलाज करवाने की भी सलाह दी जा रही है। वहीं, अस्पतालों में बीते साल में बनाए गए स्वाइन फ्लू वार्ड बंद कर उनकी जगह कोरोना के आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैं। अस्पताल प्रभारियों का कहना है कि स्वाइन फ्लू के मरीज न आने से वार्ड नहीं बनाया गया है।
देश में कोरोना के कई मामले सामने आने पर राजधानी भी अलर्ट है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अस्पतालों में इसके आइसोलेशन वार्ड बना दिए हैं। हालांकि, अफसर स्वाइन फ्लू को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि रोजाना इसके एक-दो नए मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना से निपटने के लिए अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बना दिए, लेकिन स्वाइन फ्लू वार्ड को बंद कर दिया गया। अस्पताल आने वाले मरीजों को डॉक्टर टरका रहे हैं। फैजुल्लागंज निवासी बच्ची की जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आया, लेकिन डॉक्टरों ने भर्ती करने के बजाए उसे घर में रहने की सलाह दी।
टीम घर जाकर करती है जांच
पीजीआई स्थित मधुवन बिहार निवासी 8 साल की छात्रा व फैजुल्लगंज की 6 साल की बच्ची को हफ्ते भर से जुकाम संग सांस लेने में तकलीफ थी। तीमारदारों ने पहले नजदीकी अस्पताल में दिखाया। डॉक्टर ने बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया। यहां दोनों में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले। केजीएमयू में भी हुई जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इसके अलावा इंदिरानगर, जानकीपुरम और चौक निवासी तीन और लोग स्वाइन फ्लू की जद में आए हैं। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि टीम स्वाइन फ्लू के मरीजों के घर जाकर जांच करती है। पुष्टि होने पर मरीज के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों को दवा खिलाई जाती है। लोहिया संस्थान के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार विश्व स्तर पर कोरोना वायरस की मृत्यु दर करीब 3.4 फीसदी मानी गई है। वहीं, स्वाइन फ्लू से मृत्युु दर करीब 0.02 फीसदी है।
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वर्जन
सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के आठ से दस बेड रिजर्व रहते थे। कोरोना की आशंका के चलते स्वाइन फ्लू वार्ड बंद कर आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए।
अभी स्वाइन फ्लू के मरीज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में वार्ड नहीं बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग से निर्देश मिलते ही स्वाइन फ्लू वार्ड भी बना दिया जाएगा।
डॉ. डीएस नेगी, निदेशक, सिविल अस्पतल
कोरोना को लेकर आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। वार्ड में अभी जगह है, जरूरत होने पर यहां स्वाइन फ्लू का भी वार्ड बना दिया जाएगा।
एसएम त्रिपाठी, प्रवक्ता, बलरामपुर अस्पताल
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शहर में पांच नए मरीजों के साथ आंकड़ा पहुंचा 42
स्वाइन फ्लू वार्ड को बंद कर बना दिए कोरोना के आइसोलेशन वार्ड
स्वाइन फ्लू के मरीजों को दी जा रही घर में रुकने की सलाह
लखनऊ। कोरोना वायरस की दहशत के बीच राजधानी में स्वाइन फ्लू ने हमला तेज कर दिया है। मंगलवार को इसके पांच नए मरीज मिले, जिनमें दो बच्चे हैं। इसके साथ ही जनवरी से अब तक मरीजों का आंकड़ा 42 पहुंच चुका है। हालांकि, इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू वार्ड तक नहीं है। मरीजों को घर पर रुककर इलाज करवाने की भी सलाह दी जा रही है। वहीं, अस्पतालों में बीते साल में बनाए गए स्वाइन फ्लू वार्ड बंद कर उनकी जगह कोरोना के आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैं। अस्पताल प्रभारियों का कहना है कि स्वाइन फ्लू के मरीज न आने से वार्ड नहीं बनाया गया है।
देश में कोरोना के कई मामले सामने आने पर राजधानी भी अलर्ट है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अस्पतालों में इसके आइसोलेशन वार्ड बना दिए हैं। हालांकि, अफसर स्वाइन फ्लू को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि रोजाना इसके एक-दो नए मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना से निपटने के लिए अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बना दिए, लेकिन स्वाइन फ्लू वार्ड को बंद कर दिया गया। अस्पताल आने वाले मरीजों को डॉक्टर टरका रहे हैं। फैजुल्लागंज निवासी बच्ची की जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आया, लेकिन डॉक्टरों ने भर्ती करने के बजाए उसे घर में रहने की सलाह दी।
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टीम घर जाकर करती है जांच
पीजीआई स्थित मधुवन बिहार निवासी 8 साल की छात्रा व फैजुल्लगंज की 6 साल की बच्ची को हफ्ते भर से जुकाम संग सांस लेने में तकलीफ थी। तीमारदारों ने पहले नजदीकी अस्पताल में दिखाया। डॉक्टर ने बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया। यहां दोनों में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले। केजीएमयू में भी हुई जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इसके अलावा इंदिरानगर, जानकीपुरम और चौक निवासी तीन और लोग स्वाइन फ्लू की जद में आए हैं। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि टीम स्वाइन फ्लू के मरीजों के घर जाकर जांच करती है। पुष्टि होने पर मरीज के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों को दवा खिलाई जाती है। लोहिया संस्थान के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार विश्व स्तर पर कोरोना वायरस की मृत्यु दर करीब 3.4 फीसदी मानी गई है। वहीं, स्वाइन फ्लू से मृत्युु दर करीब 0.02 फीसदी है।
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सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के आठ से दस बेड रिजर्व रहते थे। कोरोना की आशंका के चलते स्वाइन फ्लू वार्ड बंद कर आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए।
अभी स्वाइन फ्लू के मरीज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में वार्ड नहीं बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग से निर्देश मिलते ही स्वाइन फ्लू वार्ड भी बना दिया जाएगा।
डॉ. डीएस नेगी, निदेशक, सिविल अस्पतल
कोरोना को लेकर आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। वार्ड में अभी जगह है, जरूरत होने पर यहां स्वाइन फ्लू का भी वार्ड बना दिया जाएगा।
एसएम त्रिपाठी, प्रवक्ता, बलरामपुर अस्पताल