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स्वाति सिंह बनाम दयाशंकर सिंह: तलाक का केस फिर शुरू करने को स्वाति ने दी अर्जी, 2012 में किया था केस
Tue, 22 Mar 2022 03:52 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 22 Mar 2022 03:52 PM IST
सार
पारिवारिक न्यायालय की पूर्व पत्रावली के अनुसार स्वाति सिंह ने पारिवारिक विवादों के चलते वर्ष 2012 में दयाशंकर सिंह से तलाक के लिए लखनऊ में पारिवारिक न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया था।
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दयाशंकर और स्वाति सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री रहीं स्वाति सिंह ने अपने पति व बलिया से वर्तमान विधायक दयाशंकर सिंह के खिलाफ तलाक का मुकदमा फिर शुरू करने के लिए फैमिली कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। उनके द्वारा पूर्व में दाखिल तलाक की अर्जी गैरहाजिरी की वजह से खारिज हो गई थी। अपर पारिवारिक न्यायाधीश शुचि श्रीवास्तव ने स्वाति की अर्जी को पत्रावली पर लेते हुए अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
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पारिवारिक न्यायालय की पूर्व पत्रावली के अनुसार स्वाति सिंह ने पारिवारिक विवादों के चलते वर्ष 2012 में दयाशंकर सिंह से तलाक के लिए लखनऊ में पारिवारिक न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया था। इस मामले को अदालत ने विचारार्थ स्वीकार करते हुए दयाशंकर सिंह को अपना पक्ष रखने एवं आपत्ति दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही वर्ष 2017 में भाजपा ने स्वाति सिंह को विधानसभा चुनाव का टिकट दे दिया। स्वाति चुनाव जीतीं और सरकार में उन्हें मंत्री पद मिला।
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इसके बाद वे अदालत में सुनवाई के दौरान हाजिर नहीं हुईं। स्वाति की लगातार गैर हाजिरी के चलते फैमिली कोर्ट के अपर प्रधान न्यायाधीश प्रथम ने वर्ष 2018 में उनके मुकदमे को पैरवी के अभाव में खारिज कर दिया था। स्वाति सिंह इसी आदेश को वापस लेने के लिए सोमवार को वकील के साथ कोर्ट में उपस्थित हुईं और आदेश वापसी का प्रार्थना पत्र देकर अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है।
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