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Lucknow News: युवाओं के लिए आज भी प्रेरणास्तंभ हैं स्वामी विवेकानंद
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पुस्तक पर चर्चा करते डॉ. अनन्या अवस्थी और डॉ. निखिल यादव।
लखनऊ। स्वामी विवेकानंद का दर्शन आज भी युवाओं के लिए प्रासंगिक है। उनके अद्वैत और विश्व-बंधुत्व के सिद्धांत में दुनिया के मुद्दों के समाधान निहित हैं। ये आशय है डॉ. अनन्या अवस्थी और डॉ. निखिल यादव की किताब- लिविंग द विवेकानंद वे पर बृहस्पतिवार शाम को हुई चर्चा का।
इसका संचालन वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ला ने किया। पद्मश्री लोकगायिका मालिनी अवस्थी व सीएम के सलाहकार अवनीश अवस्थी की पुत्री व पुस्तक की लेखिका डॉ. अनन्या अवस्थी पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ हैं। उन्होंने हारवर्ड विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है। लेखक व चिंतक डॉ. निखिल यादव भारत के पर्वतीय राज्यों के विवेकानंद केंद्रों का प्रभार देखते हैं।
डॉ. अनन्या ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी हम स्वामी विवेकानंद के दर्शन का व्यवहारिक इस्तेमाल कर सकते हैं। डॉ. निखिल ने किताब में लिखे विवेकानंद के जीवन के अनछुए पहलुओं पर चर्चा की।
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उन्होंने बताया कि उस दौर के महानतम वैज्ञानिक निकोला टेस्ला स्वामी विवेकानंद को खत लिखकर वैदांतिक सिद्धांतों के जरिये मैटर और इनर्जी पर गंभीर चर्चा किया करते थे। आगे चलकर आइंस्टीन ने यह काम किया।
डॉ. अनन्या ने किताब के हवाले से बताया कि स्वामी विवेकानंद के विचारों से गांधी, अंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, टैगोर और जेआडी टाटा जैसी शख्सियतें बेहद प्रभावित थीं। गोमतीनगर स्थित यूनिवर्सल बुक स्टोर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, चंद्र प्रकाश, गौरव, मानव, दुर्गेश उपाध्याय आदि थे।
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इसका संचालन वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ला ने किया। पद्मश्री लोकगायिका मालिनी अवस्थी व सीएम के सलाहकार अवनीश अवस्थी की पुत्री व पुस्तक की लेखिका डॉ. अनन्या अवस्थी पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ हैं। उन्होंने हारवर्ड विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है। लेखक व चिंतक डॉ. निखिल यादव भारत के पर्वतीय राज्यों के विवेकानंद केंद्रों का प्रभार देखते हैं।
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डॉ. अनन्या ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी हम स्वामी विवेकानंद के दर्शन का व्यवहारिक इस्तेमाल कर सकते हैं। डॉ. निखिल ने किताब में लिखे विवेकानंद के जीवन के अनछुए पहलुओं पर चर्चा की।
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उन्होंने बताया कि उस दौर के महानतम वैज्ञानिक निकोला टेस्ला स्वामी विवेकानंद को खत लिखकर वैदांतिक सिद्धांतों के जरिये मैटर और इनर्जी पर गंभीर चर्चा किया करते थे। आगे चलकर आइंस्टीन ने यह काम किया।
डॉ. अनन्या ने किताब के हवाले से बताया कि स्वामी विवेकानंद के विचारों से गांधी, अंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, टैगोर और जेआडी टाटा जैसी शख्सियतें बेहद प्रभावित थीं। गोमतीनगर स्थित यूनिवर्सल बुक स्टोर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, चंद्र प्रकाश, गौरव, मानव, दुर्गेश उपाध्याय आदि थे।

पुस्तक पर चर्चा करते डॉ. अनन्या अवस्थी और डॉ. निखिल यादव।

पुस्तक पर चर्चा करते डॉ. अनन्या अवस्थी और डॉ. निखिल यादव।

पुस्तक पर चर्चा करते डॉ. अनन्या अवस्थी और डॉ. निखिल यादव।