सदन में अखिलेश का जमकर उड़ा 'मजाक'
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विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर पेश किए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता विरोधी दल स्वामी मौर्य ने सरकार की जमकर खिंचाई की।
उन्होंने कहा कि मुख्य अखिलेश यादव अच्छे आदमी हैं लेकिन सरकार में उन्हें बौना, लाचार, बेचारा और मजलूम बना दिया है।
उन्होंने अभिभाषण को झूठ का पुलिंदा बताया। कहा कि डॉ. लोहिया होते तो सपा नेताओं को माफ न करते।
धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए मौर्य ने कहा कि शब्दों की जादूगरी कर भ्रम की स्थिति पैदा की है। समाजवादी चादर ओढ़कर जनता से मजाक किया है।
मुख्यमंत्री अच्छे, पर सरकार में त्रिशंकु
मौर्या ने कहा कि डॉ. लोहिया के साथ उनका समाजवाद चला गया। सपा सरकार ने उस पर ग्रहण लगाने की कोशिश की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पौने दो साल में सरकार की नैया डगमगा गई है। लोकसभा चुनाव में नतीजा सामने आ जाएगा। मुख्यमंत्री अच्छे हैं, लेकिन इस सरकार में त्रिशुंक बना दिए गए हैं।
वह न इधर के रहे न उधर के। केंद्रीय सहायता का भी प्रदेश सरकार उपयोग नहीं कर सकी। बीआरजीएफ और मनरेगा में यूपी के हिस्से का धन लैप्स हो रहा है।
लैपटॉप पर मुलायम सिंह का फोटो लगाकर सरकारी खजाने का सपा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
बेरोजगारी भत्ता देकर खिलवाड़ा कर रही सपा
मौर्या ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में युवाओं को रोजगार देने की कोई पुख्तजा कार्ययोजना नहीं है।
उन्होंने अखिलेश और मुलायम पर आरोप लगाया कि दानों बेरोजगारी भत्ते के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
उन्होंने सदन को बताया कि बजट में आठ सौ करोड़ का प्रावधान करने के बावजूद पौने दो साल में साड़ी कंबल नहीं बांटे जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि बहुप्रचारित समाजवादी पेंशन योजना का सिर्फ नाम बदला गया है। वीरांगना लक्ष्मीबाई पेंशन योजना को बंद कर सौ रुपये बढ़ाकर यह पेंशन शुरू की गई है।
प्रदेश में जंगलराज, हो चुके 115 दंगे
नेता विरोधी दल ने कहा कि प्रदेश में जंगलराज है, गुंडों के आगे सरकार नतमस्तक है। सांप्रदायिक ताकतों को सरकार का मौन समर्थन है। अब 115 दंगे हो चुके हैं।
इनमें 13 बड़े दंगे हुए हैं। सरकार दंगों की संख्या पर ही एकमत नहीं है। मुख्यमंत्री ने पिछले सदन में बताया कि 27 दंगे हुए हैं, सोमवार को संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने केवल चार दंगे बताए।
आईबी के मुताबिक 115 दंगे हुए हैं। उन्होंने मुजफ्फरनगर की घटनाओं की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सरकार की विहिप नेताओं के साथ दावत के बाद दंगे क्यों हुए ? कहीं उन्हें शह तो नहीं मिली।
उन्होंने पिछले दो दिन में हत्या, लूट, बलात्कार और अपहरण की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सपा सरकार में अपराधी बेलगाम हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि कोई कार्रवाई तो होगी नहीं। सपा सरकार में 80 पुलिसकर्मियों की हत्या हो चुकी है।
विकास ठप, धन खर्च नहीं
मौर्य ने कहा कि मेट्रो का ऐसा प्रचार किया जा रहा है जैसे कोई नया काम हो रहा है। प्रदेश में नोएडा, गाजियाबाद में बसपा सरकार में मेट्रो शुरू हो चुकी हैं।
यह योजना भी साल भर बाद फ्लॉप साबित हो सकती है। खुशी होती कि जनेश्वर मिश्र के नाम पर नया पार्क बनाया जाता लेकिन सपा सरकार कांशीराम गार्डन का नाम बदलकर यह पार्क बना रही है।
मौर्या ने कहा कि जनेश्वर मिश्रा होते तो ऐसा न होने देते। सरकार गेहूं उत्पादन में देश में नंबर वन होने का दावा कर रही है। नंबर वन तो बसपा सरकार में वर्ष 2010, 2011 और 2012 में रहे।
आगे नंबर वन रहे तो सरकार की उपलिब्ध मानी जाएगी। उन्होंने कहा, विकास का हाल यह है कि शहरी विकास योजनाओं के चार करोड़ के बजट का अब तक केवल 35 फीसदी खर्च हुआ है। नया सवेरे योजना के 900 करोड़ में मात्र 45 फीसदी खर्च हो सके हैं।
दलबीर को कहा पागल, जवाब में तीखा पलटवार
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बसपा सरकार के अधिकारियों ने कासगंज में 600 बच्चों को मंदबुद्धि घोषित कर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया है।
इस पर रालोद विधायक दल के नेता दलबीर सिंह ने चुटकी ली कि इसमें सरकार का क्या हित है, क्या वह भी मंदबुद्धि हो गए है? इस पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने उन्हें पागल कह दिया।
उन्होंने फिर पूछा कि बच्चों को मंदबुद्धि बताने से सरकार पर क्या असर पड़ेगा, मौर्य ने कहा कि वही जो पागल कहने पर आप पर पड़ा है। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने सफाई दी कि कासगंज में 81 बच्चे चिह्नित किए गए हैं।
उनके लिए विशेष शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। यह काम सभी जिलों में चल रहा है। मंत्री के बोलने पर दलबीर सिंह फिर खड़े हो गए और उन्होंने कहा कि साबित हो गया है कि पागल कौन हैं।
उन्होंने मौर्य को पागल बताते हुए आगरा भेजने का प्रस्ताव तक पारित करने को कहा। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने टिप्पणियों को कार्यवाही से निकालने के लिए कहा। मौर्य ने कहा कि यदि दलबीर सिंह को कोई शब्द गलत लगा है तो वह उसे वापस लेते हैं।