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आईटीआई पाठ्यक्रमों का हालः 40 साल से ऊपर के छात्र, ले रहे शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ

Sat, 26 Sep 2020 12:00 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 26 Sep 2020 12:00 PM IST
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students of above 40 years are also taking advantage of fee reimbursement scheme in ITI courses
प्रतीकात्मक तस्वीर
केस-1
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बृजेश कुमार की जन्मतिथि 1 जनवरी 1977 है। उन्होंने वर्ष 2019-20 में डीएस प्राइवेट आईटीआई, हापुड़ में ‘इलेक्ट्रीशियन’ ट्रेड में दाखिला लिया। उन्हें 18 हजार रुपये की शुल्क प्रतिपूर्ति की गई।
केस-2
दुर्गा प्रसाद की जन्मतिथि 1 जनवरी 1978 है। उन्होंने वर्ष 2019-20 में मां रामकली देवी प्राइवेट आईटीआई, मथुरा में ‘कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट’ ट्रेड में प्रवेश लिया। उन्हें 15,400 रुपये की शुल्क की भरपाई की गई।
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केस-3
संजय कुमार की जन्मतिथि 1 जनवरी 1979 है। उन्होंने वर्ष 2019-20 में रानी लक्ष्मीबाई प्राइवेट आईटीआई, इलाहाबाद में फिटर ट्रेड में एडमिशन लिया। उन्हें 18 हजार रुपये की शुल्क प्रतिपूर्ति की गई। 
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चौंकिये नहीं। यही सच्चाई है। प्रदेश में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ आईटीआई पाठ्यक्रमों में 40 साल से ऊपर के ‘विद्यार्थी’ भी ले रहे हैं। इस पर पाबंदी लगाने के लिए सरकार नियमों में बदलाव करने जा रही है। अब औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के उन्हीं विद्यार्थियों को शुल्क भरपाई होगी, जिन्होंने कक्षा 10 पास करने के 6 साल के अंदर दाखिला लिया होगा।

राज्य सरकार अनुसूचित जाति व जनजाति के ढाई लाख रुपये तक सालाना और अन्य वर्गों के लिए दो लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों के लिए इस योजना का लाभ देती है। हर साल आईटीआई में दाखिला लेने वाले करीब 50 हजार छात्रों को वजीफे के साथ शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा दी जाती है।
 

समाज कल्याण निदेशालय ने शासन को भेजा प्रस्ताव

पिछले दिनों आईटीआई करने के नाम पर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत दी गई रकम की बंदरबांट के तमाम मामले सामने आए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तमाम आईटीआई में इस रकम को हड़पने के लिए ही फर्जी एडमिशन दिखाए जाते हैं। इस जांच के पूरा होने में तो थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन इस दौरान डाटा के विश्लेषण में हैरतअंगेज कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं।

पता चला है कि 40 साल से ऊपर के लोगों को भी ‘विद्यार्थी’ दिखाकर इस योजना का लाभ लिया जा रहा है। फिलहाल नियमावली में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि इतनी अधिक उम्र के लोगों को योजना का लाभ न मिले। इसे देखते हुए समाज कल्याण निदेशालय ने नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है।

इसके तहत आईटीआई में प्रवेश लेने वाले उन्हीं छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ मिलेगा, जिन्होंने हाईस्कूल करने के 6 साल के अंदर इसके किसी भी ट्रेड में दाखिला लिया होगा। साथ ही हाईस्कूल की परीक्षा न्यूनतम 55 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की होगी। समाज कल्याण निदेशालय ने यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसकी पुष्टि संबंधित संयुक्त निदेशक, समाज कल्याण ने की है। शासन की सहमति से ही प्रस्ताव तैयार किया गया है, इसलिए जल्द ही इसे हरी झंडी मिल जाएगी। 

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