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नगर निगम में आज अघोषित कार्यबंदी, प्रदर्शन
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Mon, 09 Sep 2013 11:54 PM IST
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नगर निगम में मंगलवार को अघोषित कार्यबंदी रहेगी। नगर निगम कर्मचारी उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय एवं सफाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा लम्बित मांगों को लेकर विधानभवन के सामने किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।
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इस प्रदर्शन में प्रदेश के कई जिलों से नगर निगम व नगर पालिकाओं के कर्मचारी शामिल होने आ रहे हैं।
इस बारे मे मोर्चा के सदस्य दुर्गेश वाल्मीकि व शशि कुमार मिश्र ने बताया कि गत 16 अगस्त को लम्बित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री और शासन के आलाधिकारियों को पत्र भेजा गया था।
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इसमें लम्बित मांगें पूरी न होने पर 10 सितंबर को विधानभवन के सामने प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी। उसके बाद भी शासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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इससे प्रदेश भर के निकाय कर्मचारी आंदोलित हैं। मंगलवार को वे विधानभवन केसामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले वे नगर निगम मुख्यालय के सामने जुटेंगे और वहां सभा करेंगे।
उसके बाद रैली निकालते हुए विधानभवन तक पहुंच कर प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद भी यदि शासन नहीं जागा तो कर्मचारी वहीं पर प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय करने को विवश होंगे।
विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने केलिए नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने जोन पांच व जोन दो कार्यालय में सभा की और आंदोलन में शत प्रतिशत भागीदारी का आह्वान किया।
कर्मचारी संघ केअध्यक्ष मोहम्मद अकील ने कहा कि घोषित कार्यबंदी नहीं है मगर जब कर्मचारी आंदोलन में होंगे तो काम कौन करेगा। आवश्यक सेवाओं को अभी बाधित नहीं किया जा रहा है लेकिन यदि सरकार ने मांगों को लेकर उपेक्षा का रुख नहीं छोड़ा तो इन्हें बाधित करने पर विवश होना पड़ सकता है।
ये हैं प्रमुख मांगें
-23 जुलाई 2012 को शासन केआदेश पर हटाए गए संविदा कर्मियों को वापस काम पर लिया जाए।
-29 जून 1991 के बाद कार्यरत सभी संवर्गों के दैनिक वेतन, संविदा व वर्कचार्ज कर्मियों को नियमित किया जाए।
-रिजवी कमेटी की वेतन संस्तुतियों को तत्काल लागू किया जाए।
-74वें संविधान संशोधन के तहत नगर निगमों को सभी अधिकार दिए जाएं।
-आबादी को ध्यान में रखते हुए नए पदों का सृजन किया जाए और कैडर रिव्यू किया जाए।