सचिवालय में प्रवेश व निजी पास जारी करने की व्यवस्था होगी सख्त, नहीं चलेगी आनाकानी
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अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन हेमंत राव ने इस संबंध में शासन के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को अलग-अलग दो पत्र लिखा है। एक पत्र में कहा है कि सचिवालय सुरक्षा कर्मियों द्वारा सचिवालय प्रवेश पत्र देखने के लिए मांगे जाने पर प्रवेश पत्र धारक सचिवालय प्रवेश पत्र नहीं दिखाते हैं।
उनके द्वारा सुरक्षा कर्मियों का विरोध किया जाता है जो सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों को सचिवालय में प्रवेश करते समय गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को अपना प्रवेश पत्र दिखाने के लिए अपने स्तर से निर्देशित कर दें।
सत्यापन के बाद जारी किए जा सकते हैं निजी प्रवेश पत्र
दूसरा पत्र सचिवालय में कार्यरत संविदा कार्मिकों, आउटसोर्सिंग कार्मिकों, पंजीकृत फर्मों के प्रोपराइटर व उनके कार्मिकों, श्रमिकों, पंजीकृत ठेकेदारों व उनके कार्मिकों व श्रमिकों तथा गैर सरकारी व्यक्तियों से संबंधित है। नियमों के अनुसार पुलिस सत्यापन के बाद इनके निजी प्रवेश पत्र जारी किए जा सकते हैं।
इनके प्रवेश पत्र जारी करने से पहले इनके दावों की जांच एलआईयू से कराई जाती है। मगर तमाम लोगों के पास से संबंधित प्रपत्र, आवेदन पत्र व पत्रावलियां बिना एलआईयू रिपोर्ट के ही मुख्य प्रवेश पत्र कार्यालय भेज दिया जाता है। प्रशासकीय विभाग पत्रावलियों में यह भी नहीं लिखते कि संबंधित संविदा या आउटसोर्सिंग कर्मी है या गैर सरकारी व्यक्ति है। उन्होंने अधिकारियों को पत्रावली भेजने के पूर्व स्पष्ट रूप से यह उल्लेख करने का निर्देश दिया कि संबंधित व्यक्ति संविदा, आउटसोर्सिंग या गैरसरकारी है। ऐसे लोगों की पत्रावली एलआईयू जांच के बाद ही भेजने को कहा है।