{"_id":"60a565398ebc3eb2ab55cdd7","slug":"strict-action-of-up-government-if-mnrega-contract-workers-do-not-work-there-will-be-new-recruitment","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी सरकार की सख्ती : मनरेगा संविदा कर्मी काम पर नहीं आए तो होगी नई भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी सरकार की सख्ती : मनरेगा संविदा कर्मी काम पर नहीं आए तो होगी नई भर्ती
Thu, 20 May 2021 12:51 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 20 May 2021 12:51 AM IST
सार
ग्राम्य विकास आयुक्त के.रविंद्र नाइक ने बुधवार को जारी आदेश में साफ किया है कि महामारी जैसी परिस्थिति में काम पर नहीं आने वाले ग्राम रोजगार सेवक सहित अन्य कर्मचारियों की जगह नई भर्ती का निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
मनरेगा
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मांगें पूरी नहीं होने पर मनरेगा के संविदा कर्मचारियों की ओर से 20 मई से हड़ताल की घोषणा पर सरकार ने सख्ती दिखाई है। ग्राम्य विकास आयुक्त के.रविंद्र नाइक ने बुधवार को जारी आदेश में साफ किया है कि महामारी जैसी परिस्थिति में काम पर नहीं आने वाले ग्राम रोजगार सेवक सहित अन्य कर्मचारियों की जगह नई भर्ती का निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
आयुक्त ने साफ किया है कि मनरेगा के कर्मचारियों ने जितने दिन काम किया है, उतने दिन का भुगतान किया जाए। कर्मचारियों को किए गए अधिक भुगतान की वसूली खंड विकास अधिकारी से लेकर मुख्य विकास अधिकारी तक से की जाएगी।
विज्ञापन
ग्राम्य विकास आयुक्त का कहना है कि कोरोना महामारी में देश के विभिन्न प्रदेशों से प्रवासी श्रमिक लौट कर अपने गांव आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा में रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे संकट के समय मनरेगा कर्मियों की निम्न मानसिकता से कार्य बहिष्कार करना खेदजनक है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान विभाग की ओर से लगातार किया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से परेशान जनता की ओर से मनरेगा में काम की मांग करने पर यदि उन्हें रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो इससे जनता में विभाग के प्रति आक्रोश होगा। उन्होंने जिलाधिकारियों को स्थानीय स्थिति की समीक्षा कर अपने स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था कर ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और मेट के जरिये मनरेगा के कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मनरेगा कर्मी ने जितने दिन काम किया है उन्हें उतने ही दिन का भुगतान किया जाए।