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... तो इसलिए दुर्गा भाभी के घर की तलाशी ली क्रांतिकारी सुखदेव ने
Wed, 11 Mar 2020 03:07 PM IST
ishwar ashish
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 11 Mar 2020 03:07 PM IST
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दुर्गा भाभी
- फोटो : अमर उजाला
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दुर्गा देवी अर्थात दुर्गा भाभी का नाम लखनऊ के लिए अनजान नहीं है। वह न सिर्फ लखनऊ में रहीं बल्कि आजादी की लड़ाई में भी काफी सक्रिय रहीं। उन्होंने बालिका शिक्षा के लिए भी कई काम किए। लखनऊ में स्कूल खोले। उनका जन्म इलाहाबाद में एक न्यायाधीश के घर पर हुआ था।
पर, घर का वातावरण देशप्रेस में ओतप्रोत होने के कारण उन पर बचपन से ही राष्ट्रभक्ति उनके खून में घुल गई थी। वह जब 11 वर्ष की थीं तभी उनका विवाह लाहौर के 15 वर्षीय बालक भगवती चरण बोहरा से हो गया। भगवती चरण जब लाहौर के नेशनल कॉलेज में पढ़ रहे थे तभी उनका संपर्क क्रांतिकारियों से हो गया था।
विवाह के बाद दुर्गा देवी को पति के क्रांतिकारी होने की जानकारी हुई तो पति के साथ देश सेवा के लिए क्रांति का पथ उन्होंने भी चुन लिया। पर, इस पथ पर उनकी जगह-जगह परीक्षा हुई। एक वक्त ऐसा भी आया कि भगत सिंह और सुखदेव ने उनके घर की तलाशी ली। पर इस तलाशी के बाद इन लोगों से उनके जो रिश्ते बने वह अंतिम सांस पर ही टूटे।
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पर, घर का वातावरण देशप्रेस में ओतप्रोत होने के कारण उन पर बचपन से ही राष्ट्रभक्ति उनके खून में घुल गई थी। वह जब 11 वर्ष की थीं तभी उनका विवाह लाहौर के 15 वर्षीय बालक भगवती चरण बोहरा से हो गया। भगवती चरण जब लाहौर के नेशनल कॉलेज में पढ़ रहे थे तभी उनका संपर्क क्रांतिकारियों से हो गया था।
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विवाह के बाद दुर्गा देवी को पति के क्रांतिकारी होने की जानकारी हुई तो पति के साथ देश सेवा के लिए क्रांति का पथ उन्होंने भी चुन लिया। पर, इस पथ पर उनकी जगह-जगह परीक्षा हुई। एक वक्त ऐसा भी आया कि भगत सिंह और सुखदेव ने उनके घर की तलाशी ली। पर इस तलाशी के बाद इन लोगों से उनके जो रिश्ते बने वह अंतिम सांस पर ही टूटे।
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तलाशी लेने की जिम्मेदारी सुखदेव और भगतसिंह को दी गई
राजेंद्र पटोरिया लिखते हैं- भगतसिंह,राजगुरु, सुखदेव आदि सभी उन्हें दुर्गा भाभी कहते थे। पर, इसी बीच क्रांतिकारियों के बीच किसी ने यह अफवाह फैला दी कि भगवती चरण पुलिस के आदमी हैं और वह क्रांतिकारियों से इस तरह रिश्ता ज़ोड़कर इनके बारे में सभी जानकारी लेकर अंग्रेजों को भेज रहे हैं।
क्रांतिकारियों की बैठक में दुर्गा भाभी के घर की तलाशी लेने का फैसला हुआ। तलाशी लेने की जिम्मेदारी भगत सिंह और सुखदेव को दी गई । एक दिन जब भगवती और दुर्गा भाभी घर पर नहीं थे तब उनके घर की तलाशी ली गई।
कागज पत्र पलटकर घर का एक-एक कोना छान मारा। पर, कुछ भी ऐसा नहीं मिला जिसमें भगवती चरण बोहरा और दुर्गा भाभी पर पुलिस के आदमी होने का संदेह होता। सुखदेव को बहुत पश्चाताप हुआ।
क्रांतिकारियों की बैठक में दुर्गा भाभी के घर की तलाशी लेने का फैसला हुआ। तलाशी लेने की जिम्मेदारी भगत सिंह और सुखदेव को दी गई । एक दिन जब भगवती और दुर्गा भाभी घर पर नहीं थे तब उनके घर की तलाशी ली गई।
कागज पत्र पलटकर घर का एक-एक कोना छान मारा। पर, कुछ भी ऐसा नहीं मिला जिसमें भगवती चरण बोहरा और दुर्गा भाभी पर पुलिस के आदमी होने का संदेह होता। सुखदेव को बहुत पश्चाताप हुआ।