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बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे?
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Wed, 20 Nov 2013 04:31 PM IST
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गन्ने को लेकर सवाल करने वाले दो किसानों को गिरफ्तार कराने के बाद रामपुर के खां साहब फिर विवादों में हैं।
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पार्टी में भी सवाल उठ रहे हैं। गनीमत ये है कि सवाल करने वाले साइकिल की सवारी करके लालबत्ती पाने वाले हैं।
अकलियत की सियासत से जुड़े एक मंत्री ने कई लोगों के बीच सीधी टिप्पणी की, ‘ये तुनकमिजाजी कब तक चलेगी। बात रामपुर की है, पर जाती पूरे सूबे में है।
सफाई हमें देनी पड़ती है, बदनामी सरकार की होती है, कई लोगों ने उनकी हां में हां मिलाई। कुछ और अनसुनी बातें भी कानों में पड़ी। एक नेता बोले, पार्टी को मामले को सीरियसली लेना चाहिए।
मंत्रीजी को बताया जाना चाहिए कि उनकी भाषा स्तरीय नहीं थी। सीनियर लोगों को उनसे बात कहनी चाहिए। पिछली हुकूमत जैसी तानाशाही का संदेश कहीं का नहीं छोड़ेगा।
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मंत्री ने कहा, मेरे बारे में तो आप जानते ही हो, आप लोग ही उनसे बात करो, नेताजी को बताओ। इस पर सब चुप्पी साध गए। किसी ने धीरे से कहा, बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे?
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