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Lucknow News: टाटा कंपनी में प्रशिक्षण के साथ मिलेगा स्टाइपेंड
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लखनऊ। राजकीय आईटीआई के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के साथ अब स्टाइपेंड (अनुदान राशि) का भी लाभ मिलेगा। नए सत्र के प्रवेशितों को टाटा मोटर्स कंपनी में आधुनिक मशीनों के जरिये विशेष प्रशिक्षण के साथ छह महीने तक 10 हजार रुपये महीना स्टाइपेंड दिया जाएगा।
कौशल विकास मिशन के आत्मनिर्भर अभियान के तहत बुधवार को अलीगंज राजकीय आईटीआई और टाटा कंपनी के बीच एमओयू किया गया। राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य राजकुमार यादव ने बताया कि समझौते के तहत संस्थान के 16 तकनीक व्यवसायों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण लेने के लिए टाटा मोटर्स भेजा जाएगा। यहां उन्हें ऑन-जॉब ट्रेनिंग के साथ छह माह का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संस्थान में फिटर, इलेक्ट्रिशियन, डीजल मैकेनिक, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, सीएनसी मशीन ऑपरेटर जैसे व्यवसायों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे उन्हें कंपनी की कार्यप्रणाली और अनुशासन का भी अनुभव होगा।
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संस्थान के ट्रेनिंग और प्लेसमेंट अफसर एमए खान ने बताया कि केंद्र सरकार की डुएल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) के तहत यह एमओयू किया गया है। संस्थान में मारुति सुजुकी, हीरो मोटर्स, हिंदुस्तान लीवर, टाटा मोटर्स, रॉयल एनफील्ड, एचएएल, एससीएल व अन्य निजी कंपनियों की ओर से कैम्पस ड्राइव के जरिये विद्यार्थियों को अप्रेंटिस और नौकरी मिलेगी।
वास्तविक उद्योग आधारित विद्यार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि इस एमओयू का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक उद्योग आधारित प्रशिक्षण देना है, जिससे उनकी व्यावसायिक दक्षता में वृद्धि हो। प्रशिक्षण के दौरान टाटा मोटर्स की ओर से छात्रों को स्टाइपेंड के अलावा निशुल्क कैंटीन और आने-जाने के लिए बस की सुविधा भी दी जा रही है।
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कौशल विकास मिशन के आत्मनिर्भर अभियान के तहत बुधवार को अलीगंज राजकीय आईटीआई और टाटा कंपनी के बीच एमओयू किया गया। राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य राजकुमार यादव ने बताया कि समझौते के तहत संस्थान के 16 तकनीक व्यवसायों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण लेने के लिए टाटा मोटर्स भेजा जाएगा। यहां उन्हें ऑन-जॉब ट्रेनिंग के साथ छह माह का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि संस्थान में फिटर, इलेक्ट्रिशियन, डीजल मैकेनिक, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, सीएनसी मशीन ऑपरेटर जैसे व्यवसायों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे उन्हें कंपनी की कार्यप्रणाली और अनुशासन का भी अनुभव होगा।
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संस्थान के ट्रेनिंग और प्लेसमेंट अफसर एमए खान ने बताया कि केंद्र सरकार की डुएल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) के तहत यह एमओयू किया गया है। संस्थान में मारुति सुजुकी, हीरो मोटर्स, हिंदुस्तान लीवर, टाटा मोटर्स, रॉयल एनफील्ड, एचएएल, एससीएल व अन्य निजी कंपनियों की ओर से कैम्पस ड्राइव के जरिये विद्यार्थियों को अप्रेंटिस और नौकरी मिलेगी।
वास्तविक उद्योग आधारित विद्यार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि इस एमओयू का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक उद्योग आधारित प्रशिक्षण देना है, जिससे उनकी व्यावसायिक दक्षता में वृद्धि हो। प्रशिक्षण के दौरान टाटा मोटर्स की ओर से छात्रों को स्टाइपेंड के अलावा निशुल्क कैंटीन और आने-जाने के लिए बस की सुविधा भी दी जा रही है।