साफ्टवेयर में टेंपरिंग कर हो रही है पेट्रोल-डीजल की चोरी, एसटीएफ करेगी जांच
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सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ करके पेट्रोल-डीजल की चोरी का खेल फिर से शुरू हो गया है। पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को कम मात्रा में पेट्रोल और डीजल दिया जा रहा है। यह खेल यूपी के लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड के रुद्रपुर में चल रहा है।
हापुड़ में हाईटेक तरीके से पेट्रोल-डीजल चोरी का खुलासा होते ही जिम्मेदार अफसर चौकन्ने हो गए हैं। बाट माप नियंत्रक सुनील कुमार वर्मा से रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने जांच एसटीएफ को सौंपी है। पेट्रोल पंपों पर तेल की चोरी सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ (टेंपरिंग) करके की जा रही है, जिसके सुबूत भी नहीं मिल पाते हैं। पेट्रोल पंप मालिकों को यह सॉफ्टवेयर दो लाख रुपये तक में बेचा जा रहा है।
सॉफ्टवेयर बेचने वाला गिरोह पेन ड्राइव के जरिए सॉफ्टवेयर बेच रहा है। आईओसी के अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले में डिस्पेंसिंग यूनिट सप्लाई करने वाली कंपनी जीवीआर और मिडको के दो इंजीनियर शामिल हैं।
राजधानी सहित आसपास के जिलों में होगी जांच
वहीं बाट माप विभाग, तेल कंपनियों आईओसी, एचपी के अधिकारियों, आईटी व लीगल सेल की टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें राजधानी लखनऊ सहित आसपास के जिलों में पेट्रोल पंपों की जांच करेंगी। पहले चरण में पश्चिमी यूपी के सभी जिलों में पेट्रोल पंपों पर छापा मारा जाएगा।
गड़बड़ी मिलने पर पेट्रोल पंपों का लाइसेंस निलंबित करने के अलावा कानूनी कार्रवाई भी होगी। बाट माप विभाग ने अलीगढ़, मुरादाबाद संभाग के सहायक नियंत्रक सत्येंद्र नारायण सिंह को जांच कमेटी का अध्यक्ष बनाया है। राजेंद्र प्रसाद वरिष्ठ निरीक्षक गाजियाबाद, जीपी द्विवेदी वरिष्ठ निरीक्षक हापुड़ व युधिष्ठिर बघेल निरीक्षक मेरठ कमेटी के सदस्य होंगे।
ऐसे पकड़ में आया मामला
लखनऊ में बाट माप विभाग को सूचना मिली थी कि पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल डालने वाली मशीन के सॉफ्टवेयर की टेंपरिंग कर तेल चोरी का खेल चल रहा है। इस पर टीम हापुड़ के एक पेट्रोल पंप पर पहुंची। पेट्रोल पंप मालिक को साथ लेकर टीम ने गिरोह के सदस्यों को बुलाया।
पेट्रोल पंप मालिक ने कहा कि टीम के लोग भी पेट्रोल पंप के मालिक हैं और सॉफ्टवेयर खरीदना चाहते हैं। गिरोह के सदस्यों ने पेट्रोल पंप पर टीम के सामने इसका डेमो दिया, जिसके बाद दोनों इंजीनियर पकड़े गए।
51 पेट्रोल पंपों पर चिप से घटतौली आई थी सामने
लखनऊ में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम, इंडियन आयल के 202 पेट्रोल पंप हैं। 27 अप्रैल 2016 को एसटीएफ ने पेट्रोल पंपों पर चिप लगाकर घटतौली का मामला उजागर किया था। लखनऊ में घटतौली के आरोप में 51 पंपों को बंद करवा दिया था। इनमें से 27 आईओसीएल, 12 एचपीसीएल, 10 बीपीसीएल और 2 एस्सार कंपनी के थे।
इनमें से कुछ पेट्रोल पंप मालिकों का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। सूत्रों के मुताबिक, एक माह से अधिक समय से जांच अभियान बंद होने से पंप की मशीनों में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगा दी गई हैं, जो रिमोट से ऑपरेट की जा रही हैं। एक लीटर में 100 मिली. तक तेल कम दिया जा रहा है।
लखनऊ में 20 पेट्रोल पंप हो चुके बंद
लखनऊ में घटतौली के आरोप में दो साल पहले तेल कंपनियों एवं बाट माप विभाग ने संयुक्त रूप से 43 पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कराया था। इसके बाद लखनऊ में 20 पेट्रोल पंप बंद हो चुके हैं।
घटतौली की जांच शुरू
तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक एके गंजू का कहना है कि आईओसी की तरफ से आईटी सेल, लीगल सेल व अधिकारियों की टीमों ने जांच शुरू कर दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा राजधानी लखनऊ व आसपास के जिलों में भी जांच की जा रही है। संदेह होने पर छापेमारी भी होगी। आरोपियों के खिलाफ कंपनी कार्रवाई करेगी।