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बिजली बिल अनियमितता की जांच एसटीएफ करेगी-
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लखनऊ में बिजली बिलों में अनियमितता की एसटीएफ करेगी जांच
लखनऊ।
बिजली बिलों की अनियमितताओं को सरकार ने गंभीरता से लिया है। एसटीएफ से इसकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया गया है। सोमवार को गोमतीनगर स्थित मंत्री आवास उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ये बातें कहीं।
गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ ने सोमवार को ‘लाखों रुपये का बिजली बिल घटाकर बना दिया हजारों का’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर लेसा सिस के चौक खंड में अभियंताओं द्वारा बिल में रकम कम करने के खेल का खुलासा किया था। ऊर्जा मंत्री ने इस पर संज्ञान लेकर पूरे मामले की जांच कराने के मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक सूर्यपाल गंगवार को निर्देश दिए। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाली बिलिंग एजेंसी के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि गलत बिलिंग और बिजली बिलों में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें आ रही हैं। पूरे प्रकरण में घोर अनियमितता व भ्रष्टाचार हुआ है। मुख्यमंत्री से उपभोक्ता हित में इसकी एसटीएफ से जांच कराने का अनुरोध किया गया है। उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
मंत्री ने कहा कि बिलिंग में गड़बड़ी, गलत बिलिंग की शिकायत डाउनलोडेबल बिलिंग न होने से आ रही है। उन्होंने गोमती नगर के अफसरों को 31 जनवरी तक शत प्रतिशत उपभोक्ताओं की बिलिंग डाउनलोडेबल करने के निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने बिलिंग एजेंसियों को किए भुगतान का भी ऑडिट कराने के निर्देश दिए।
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बिल की देय तारीख से पहले ही कट गई बिजली
यूपी पावर कॉर्पोरेशन की अव्यवस्था का खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं। अलीगंज के चर्च रोड स्थित अपार्टमेंट में रहने वाले शैलेंद्र प्रकाश दीक्षित का बिजली कनेक्शन सोमवार दोपहर 12 बजे ऑनलाइन काट दिया गया। ऐसा तब हुआ जब उनका 1352 रुपये बिल जमा करने की तारीख 18 जनवरी थी। उपभोक्ता ने इसकी शिकायत महानगर एसडीओ से की। इसके बाद बिल जमा करने पर भी बिजली चालू नहीं हुई तो एसडीओ से फिर शिकायत की गई। इस पर बताया गया कि उनका मीटर प्रीपेड से पोस्टपेड कर दिया गया, इसलिए पांच हजार रुपये और जमा करें। इस पर उन्होंने 5000 रुपये और जमा कराए, लेकिन फिर भी देर शाम तक बिजली चालू नहीं हो सकी। महानगर के अधिशासी अभियंता आरके मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच करा रहे हैं।
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लखनऊ।
बिजली बिलों की अनियमितताओं को सरकार ने गंभीरता से लिया है। एसटीएफ से इसकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया गया है। सोमवार को गोमतीनगर स्थित मंत्री आवास उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ये बातें कहीं।
गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ ने सोमवार को ‘लाखों रुपये का बिजली बिल घटाकर बना दिया हजारों का’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर लेसा सिस के चौक खंड में अभियंताओं द्वारा बिल में रकम कम करने के खेल का खुलासा किया था। ऊर्जा मंत्री ने इस पर संज्ञान लेकर पूरे मामले की जांच कराने के मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक सूर्यपाल गंगवार को निर्देश दिए। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाली बिलिंग एजेंसी के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि गलत बिलिंग और बिजली बिलों में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें आ रही हैं। पूरे प्रकरण में घोर अनियमितता व भ्रष्टाचार हुआ है। मुख्यमंत्री से उपभोक्ता हित में इसकी एसटीएफ से जांच कराने का अनुरोध किया गया है। उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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मंत्री ने कहा कि बिलिंग में गड़बड़ी, गलत बिलिंग की शिकायत डाउनलोडेबल बिलिंग न होने से आ रही है। उन्होंने गोमती नगर के अफसरों को 31 जनवरी तक शत प्रतिशत उपभोक्ताओं की बिलिंग डाउनलोडेबल करने के निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने बिलिंग एजेंसियों को किए भुगतान का भी ऑडिट कराने के निर्देश दिए।
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बिल की देय तारीख से पहले ही कट गई बिजली
यूपी पावर कॉर्पोरेशन की अव्यवस्था का खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं। अलीगंज के चर्च रोड स्थित अपार्टमेंट में रहने वाले शैलेंद्र प्रकाश दीक्षित का बिजली कनेक्शन सोमवार दोपहर 12 बजे ऑनलाइन काट दिया गया। ऐसा तब हुआ जब उनका 1352 रुपये बिल जमा करने की तारीख 18 जनवरी थी। उपभोक्ता ने इसकी शिकायत महानगर एसडीओ से की। इसके बाद बिल जमा करने पर भी बिजली चालू नहीं हुई तो एसडीओ से फिर शिकायत की गई। इस पर बताया गया कि उनका मीटर प्रीपेड से पोस्टपेड कर दिया गया, इसलिए पांच हजार रुपये और जमा करें। इस पर उन्होंने 5000 रुपये और जमा कराए, लेकिन फिर भी देर शाम तक बिजली चालू नहीं हो सकी। महानगर के अधिशासी अभियंता आरके मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच करा रहे हैं।