यूपी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा
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प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तरह कैशलेस इलाज की सुविधा देने का फैसला किया है। सरकार सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) जैसी सुविधाएं अपने कर्मचारियों को देना चाहती है।
इसकी गाइडलाइन तय करने के लिए एक उप समिति बनाई गई है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह सुविधा लखनऊ जिले के कर्मचारियों को मिलेगी। इसके बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
राज्य कर्मचारी अर्से से कैशलेस इलाज की सुविधा मांग रहे हैं। शासन ने प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने सूबे के कर्मचारियों को सीजीएचएस के अनुरूप सुविधाएं देने पर सहमति दे दी है।
सीजीएचएस व्यवस्था के तहत मिलेंगी सुविधाएं
यह भी तय किया है कि दरें सीजीएचएस व्यवस्था के समान ही रखी जाएंगी। इसका एक्शन प्लान तैयार करने के लिए विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा अरिंदम भट्टाचार्य की अध्यक्षता में एक उप समिति बनाई गई है।
इसे 15 दिन में अपनी रिपोर्ट प्रमुख सचिव वित्त को सौंपनी है। इस समिति में कई अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति ने सभी राज्य कर्मचारियों को सीजीएचएस जैसी सुविधा देने के पहले प्रयोग के तौर पर यह व्यवस्था लखनऊ जिले में लागू करने पर सहमति दी है।
लखनऊ में इसे लागू करने पर जो समस्याएं आएंगी, उसका निराकरण कर एक साल बाद पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इस तरह लखनऊ में यह व्यवस्था वित्त वर्ष 2016-17 से लागू हो सकती है। पूरे प्रदेश में इसके 2017-18 में लागू होने की संभावना है।
सीजीएचएस व्यवस्था के तहत अनुबंधित निजी चिकित्सालय राज्य कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधाएं देंगे। इन चिकित्सालयों को सीजीएचएस की दरों पर ही राज्य कर्मियों के मांगने पर इस्टीमेट देना होगा।
इस्टीमेट की 75 प्रतिशत एडवांस रकम राज्य कर्मियों को संबंधित विभाग से एक सप्ताह में मिल जाएगी। इसका समायोजन प्रतिपूर्ति के समय होगा।