चीन के कब्जे से भारत की जमीन को वापस लाए सरकार: सपा
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सपा की नवगठित राज्य कार्यकारिणी ने आशंका जताई है कि वोटों का ध्रुवीकरण कराने के लिए भाजपा और आरएसएस प्रदेश में दंगा करा सकते हैं।
राजनीतिक-आर्थिक प्रस्ताव में सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय सेना को देते हुए इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए भाजपा की निंदा की गई। सपा ने चीन निर्मित वस्तुओं के बहिष्कार और चीन के कब्जे से भारतीय जमीन खाली कराने का प्रस्ताव भी पारित किया है।
सपा में शीर्ष स्तर पर घमासान का असर राज्य कार्यकारिणी की बैठक में भी दिखा। सुलह के लिए मुलायम सिंह यादव के आवास पर मीटिंग के चलते शिवपाल सिंह करीब एक घंटा विलंब से बैठक में पहुंचे। सपा मुखिया के निवास से बुलावा आने पर वह कुछ देर के लिए बैठक से उठकर चले गए।
उन्होंने कहा, मुलायम सिंह के निर्विवाद एवं कुशल नेतृत्व में पार्टी रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। यह चुनावी साल भी है। ऐसे में 2017 में सत्ता में वापसी की चुनौती बढ़ गई है। इसके लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। हम सरकार के साढ़े चार साल के कामकाज को जनता के बीच ले जाएंगे।
पार्टी में विवाद के भ्रम से रहें दूर, एकजुट होकर लड़ेगी चुनाव
अखिलेश सरकार ने जितने काम किए हैं, उतने किसी सरकार ने नहीं किए। कहा कि पार्टी में विवाद के भ्रम से दूर रहें। पूरी पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी।
कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित करके मुलायम सिंह के प्रति आभार प्रकट किया गया जिनके कारण समाजवादी आंदोलन ऊंचाइयों तक पहुंचा। उनके साथ ही पार्टी के संस्थापकों को भी याद किया गया। शिवपाल ने 5 नवंबर को बड़े पैमाने पर रजत जयंती समारोह मनाने के लिए तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया।
राजनीतिक-आर्थिक प्रस्ताव महामंत्री ओमप्रकाश सिंह और दीपक मिश्र ने रखे। कहा कि भाजपा, आरएसएस व अन्य सांप्रदायिक शक्तियां षडयंत्रों एवं अफवाहों से जनता में भ्रम फैलाएंगी। वे दंगें कराके मतों का ध्रुवीकरण करने का प्रयास भी करेंगी। इससे सजग रहने की जरूरत है।
सेना का अपमान बर्दाश्त नहीं
प्रस्ताव में सर्जिकल स्ट्राइक और आतंकवाद से लड़ते हुए शहीदों के शौर्य को नमन किया गया है। कहा गया कि सपा नेतृत्व हमेशा सेना व शहीदों के परिवारीजनों के साथ खड़ा रहता है।
सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता का श्रेय हमारी सेना को है। इसके अलावा किसी अन्य को श्रेय देना सैनिकों व शहीदों का अपमान है। इसे सपा बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा अब सेना, शौर्य व शहादत का भी राजनीतिकरण करने लगी है।
विकास के लिए अखिलेश सरकार का धन्यवाद
राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया है कि अखिलेश सरकार ने लोक कल्याणकारी कामों और समावेशी विकास की गंगा बहाई है। विकास और समृद्धि का लाभ प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया है।
सपा सरकार ने केवल घोषणापत्र के वादों को पूरा नहीं किया वरन कई ऐसे कार्य किए हैं जिनके बारे में वादा नहीं किया गया था। इसके लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व उनके मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हुए विकास कार्यों के प्रचार-प्रसार में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ने का फैसला किया गया।
युवाओं के लिए वर्कशॉप, प्रशिक्षण शिविर लगेंगे
बैठक में कहा गया कि मुलायम सिंह युवाओं एवं छात्रों से समाजवादी व समसामयिक साहित्य का अध्ययन करने व कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर जोर देते हैं। उन्होंने चिंता जताई थी कि कार्यकर्ता अध्ययन-चिन्तन नहीं करते।
राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया है कि नेताजी की इच्छा का सम्मान करते हुए प्रांतीय कार्यकारिणी कार्यकर्ताओं को राजनीतिक विचारों से लैस करने के लिए कार्यशालाओं एवं अध्ययन कक्षाओं का आयोजन करेगी। पार्टी इस कार्य में समाजवादी लेखकों, बुद्धिजीवियों तथा पत्रकारों का भी सहयोग लेगी।
यूपी को आवंटित धनराशि पर श्वेत पत्र जारी करे केंद्र
प्रस्ताव के अनुसार केंद्र सरकार ने उप्र की घोर उपेक्षा की है। नीति आयोग बनने के बाद यूपी को मिलने वाले 9000 करोड़ रुपये की सीधी कटौती के अलावा सड़क, बिजली, पानी जैसे बुनियादी मदों में भी जरूरत के मुताबिक राशि नहीं दी गई।
प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से प्रदेश को आवंटित की गई राशि पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की गई। कहा गया है कि काम के बल पर वोट मांगने की स्थिति न होने पर भाजपा भावनात्मक बातों का सहारा लेकर चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है।
बसपा बना रही राजनीति को बाजार
भाजपा के साथ मिलकर तीन बार सरकार बना चुकी बसपा राजनीति को बाजार बनाने पर आमादा है। बसपा जाति और लूट पर आधारित पैसे के बल पर राजनीति व लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि भाजपा व बसपा समाजवादी आंदोलन, पार्टी व सरकार को कमजोर करने के लिए कोई भी जनविरोधी षडयंत्र कर सकती है।
बैठक में नहीं गए अखिलेश के नजदीकी
बैठक में अखिलेश यादव के नजदीकी राजेन्द्र चौधरी, अरविंद सिंह गोप और एसआरएस यादव नहीं पहुंचे। इसके अलावा भी आधा दर्जन पदाधिकारी या सदस्य अलग-अलग कारणों से अनुपस्थित रहे।
बैठक में रजत जयंती समारोह में भीड़ जुटाने पर खूब चर्चा हुई लेकिन सीएम की रथयात्रा का जिक्र किसी ने नहीं किया।