{"_id":"66e344c923cd7819360a7f14","slug":"stand-in-line-all-day-long-return-empty-handed-in-the-evening-shravasti-news-c-104-1-srv1002-106704-2024-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: दिनभर लगाते हैं लाइन, शाम को लौट जाते हैं बैरंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: दिनभर लगाते हैं लाइन, शाम को लौट जाते हैं बैरंग
Fri, 13 Sep 2024 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 13 Sep 2024 01:15 AM IST
विज्ञापन
भिनगा स्थित डाकघर में आधार बनवाने के लिए लगी कतार। -संवाद
श्रावस्ती। आधार अपडेट कराने के लिए आवेदकों की लाइन सुबह आधार केंद्र खुलने से पहले ही लग जाती है, लेकिन पूरे दिन लाइन लगाने के बाद भी काम न होने से लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ता है। ऐसे में अभिभावकों के साथ आने वाले छोटे-छोटे बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
सरकार की योजनाओं व अन्य व्यक्तिगत उपयोग के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। ऐसे में लोगों को सुबह से शाम तक धूप हो या बरसात आधार बनवाने के लिए लाइनों में खटना पड़ रहा है। डाक विभाग की ओर से भिनगा, सिरसिया, गिलौला व इकौना में आधार केंद्र संचालित हैं। भिनगा में बुधवार सुबह आठ बजे से लोगों की भीड़ जुटने लगी।
डाकघर खुलते ही सबसे पहले उन लोगों के नाम बुलाए गए जो बुधवार को आधार बनवाने से वंचित रह गए थे। इसके बाद अन्य लोगों के फार्म जमा कराए गए। इस बारे में पोस्टमास्टर ओमप्रकाश यादव ने बताया कि आधार का सॉफ्टवेयर अपडेट जब से हुआ है तब से पूरे दिन में मात्र 40-45 आधार ही बन पा रहे हैं जबकि इसके पहले करीब 100 आधार प्रतिदिन बन जाते थे। वहीं गिलौला डाकघर में लोगों को आधार अपडेट कराने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाता है। यूनियन बैंक हो या बैंक आफ बड़ौदा, एसबीआई हो या इंडियन बैंक सभी जगह लगभग यही स्थिति है।
विज्ञापन
लखाही बेनीनगर निवासी बुजुर्ग हेमराज अपने पोते छोटू का आधार बनवाने के लिए तीन दिन से डाकघर भिनगा का चक्कर लगा रहे है, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण उनका नंबर आते-आते शाम हो जाती है। इसलिए बृहस्पतिवार को वह सुबह आठ बजे ही डाकघर के गेट पर डट गए। प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका सीमा का कहना है कि वह स्कूल से छुट्टी लेकर बीआरसी भवन में सुबह से ही लाइन में लगी हैं, लेकिन भीड़ अधिक होने से शाम तक आधार अपडेट होने की उम्मीद है।
कसियापुर की ममता का कहना है कि राशन कार्ड में नाम बढ़वाने के लिए उन्हें आधार अपडेट कराने की जरूरत है। इससे वह दो दिनों से आधार केंद्र का चक्कर लगा रहीं हैं। वहीं चितईपुर की गुड़िया अपने बेटे प्रिंस व अर्पित का आधार बनवाने के लिए आईं हैं। आधार न होने से बच्चों का खाता बैंक में नहीं खुल पा रहा है जिससे उन्हें शिक्षा विभाग से मिलने वाला लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
सरकार की योजनाओं व अन्य व्यक्तिगत उपयोग के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। ऐसे में लोगों को सुबह से शाम तक धूप हो या बरसात आधार बनवाने के लिए लाइनों में खटना पड़ रहा है। डाक विभाग की ओर से भिनगा, सिरसिया, गिलौला व इकौना में आधार केंद्र संचालित हैं। भिनगा में बुधवार सुबह आठ बजे से लोगों की भीड़ जुटने लगी।
विज्ञापन
डाकघर खुलते ही सबसे पहले उन लोगों के नाम बुलाए गए जो बुधवार को आधार बनवाने से वंचित रह गए थे। इसके बाद अन्य लोगों के फार्म जमा कराए गए। इस बारे में पोस्टमास्टर ओमप्रकाश यादव ने बताया कि आधार का सॉफ्टवेयर अपडेट जब से हुआ है तब से पूरे दिन में मात्र 40-45 आधार ही बन पा रहे हैं जबकि इसके पहले करीब 100 आधार प्रतिदिन बन जाते थे। वहीं गिलौला डाकघर में लोगों को आधार अपडेट कराने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाता है। यूनियन बैंक हो या बैंक आफ बड़ौदा, एसबीआई हो या इंडियन बैंक सभी जगह लगभग यही स्थिति है।
विज्ञापन
लखाही बेनीनगर निवासी बुजुर्ग हेमराज अपने पोते छोटू का आधार बनवाने के लिए तीन दिन से डाकघर भिनगा का चक्कर लगा रहे है, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण उनका नंबर आते-आते शाम हो जाती है। इसलिए बृहस्पतिवार को वह सुबह आठ बजे ही डाकघर के गेट पर डट गए। प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका सीमा का कहना है कि वह स्कूल से छुट्टी लेकर बीआरसी भवन में सुबह से ही लाइन में लगी हैं, लेकिन भीड़ अधिक होने से शाम तक आधार अपडेट होने की उम्मीद है।
कसियापुर की ममता का कहना है कि राशन कार्ड में नाम बढ़वाने के लिए उन्हें आधार अपडेट कराने की जरूरत है। इससे वह दो दिनों से आधार केंद्र का चक्कर लगा रहीं हैं। वहीं चितईपुर की गुड़िया अपने बेटे प्रिंस व अर्पित का आधार बनवाने के लिए आईं हैं। आधार न होने से बच्चों का खाता बैंक में नहीं खुल पा रहा है जिससे उन्हें शिक्षा विभाग से मिलने वाला लाभ नहीं मिल पा रहा है।