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बुलंदशहर हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित, गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:10 PM IST
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बुलंदशहर में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
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बुलंदशहर में 3 दिसंबर को गोकशी की सूचना के बाद हुई हिंसा की विवेचना के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। आईजी मेरठ की अध्यक्षता में गठित एसआईटी में बुलंदशहर के अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीर रंजन और पुलिस उपाधीक्षक राघवेंद्र कुमार मिश्रा के अलावा चार इंस्पेक्टरों को शामिल किया गया है। एसआईटी पूरे मामले की जांच करेगी।
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शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एसआईटी की विवेचना में जो नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हिंसा के मामले में पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में जिन लोगों को नामजद किया गया है उनकी भूमिका की जांच भी की जाएगी। जिसकी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गोकशीमामले में दर्ज एफआईआर की जांच भी एसआईटी ही करेगी। हालांकि, इस बाबत पूछने पर आईजी (अपराध) एसके भगत ने बताया कि आरोपियों के नाम उजागर हो जाने के कारण सभी आरोपी भागे हुए हैं। इस वजह से गिरफ्तारी करने में दिक्कत आ रही है।
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वहीं, सूत्रों का कहना है कि पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में कुछ लोगों को राहत मिल सकती है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह जरूरी नहीं कि मौके पर मौजूद हर व्यक्ति दंगाई या उपद्रवी हो। वीडियो के जरिये उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। कार्रवाई उन्हीं लोगों के खिलाफ की जाएगी जो तोड़फोड़ में शामिल थे।