सुबूतों के अभाव में बरी कर दिए आतंक के छह आरोपी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरकत उल जेहाद अल इस्लामी (हूजी) के छह आतंकियों को विशेष अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। स्पेशल टास्क फोर्स ने जलालुद्दीन उर्फ पिंटू उर्फ बाबू उर्फ अमानुल्लाह, नौशाद उर्फ हाफिज उर्फ साबिर, शेख मुख्तार हुसैन, मो. अली अकबर हुसैन, अजीजुर्रहमान उर्फ सरदार तथा नूर इस्लाम उर्फ मामा को पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेने और भारत में आतंक फैलाने के आरोप में पकड़ा था।
विशेष न्यायाधीश एसएएच रिजवी ने एसएटीएफकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी व उनके पास से हथियारों व विस्फोटकों की बरामदगी को भी संदिग्ध माना है।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस टीम को पहले से जानकारी थी कि आरोपियों की निशानदेही पर जो सामान बरामद किया जाना है, वह विस्फोटक है परंतु पुलिस ने विस्फोटक बरामद करने तथा उसे हैंडल करने में कोई सावधानी नहीं बरती। बम निरोधक दस्ते को भी सूचित नहीं किया।
वहीं, अभियोजन ऐसा सुबूत पेश नहीं कर पाया जिससे साबित होता हो कि आरोपी किसी आतंकवादी संगठन के सदस्य हों और वे देश के खिलाफ किसी आतंकवादी गतिविधि में संलिप्त रहे हैं।
कोर्ट ने कहा कि विस्फोटक पदार्थ व हथियारों की बरामदगी के आधार पर माना जा सकता था कि आरोपी आतंकवादी गतिविधि में संलिप्त रहे हैं, लेकिन उनसे हथियार तथा विस्फोटक पदार्थ की बरामदगी पूर्णतया संदिग्ध है।
'गवाहों के बयान भी विश्वसनीय नहीं हैं'
कोर्ट के सामने जो साक्ष्य आए हैं, उनसे साफ है कि एसटीएफ ने अलग-अलग व्यक्तियों को अलग-अलग समय व स्थान से उठाया तथा फर्जी कहानियां बनाकर बरामदगी कर झूठे केस गढ़ दिए। गवाहों के बयान भी विश्वसनीयता नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। हालांकि जिला शासकीय अधिवक्ता मुन्ना सिंह यादव ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
अभियोजन के अनुसार एसटीएफ के तत्कालीन इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा ने 23 जून 2007 को वजीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि था कि भारत के सीमावर्ती देशों से आतंकी संगठन हूजी जहां विदेशी आतंकियों को शस्त्र व विस्फोटक मुहैया कराकर भारत में घुसपैठ कराता है, वहीं युवकों को अवैध रूप से बाहर भेजकर आतंकवादी ट्रेनिंग दिला रहा है।
21 जून 2007 को हूजी के दो आतंकियों याकूब व नासिर को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ में पता चला कि दो आतंकी बाबू व नौशाद लखनऊ में मौजूद हैं और उनके पास हथियार हैं। इस पर पुलिस टीम ने रेजीडेंसी के पास से मुठभेड़ के बाद बाबू व नौशाद को गिरफ्तार करके उनके पास से पिस्टल व एके 47 के साथ ही 15 हैंड ग्रेनेड, घड़ी व हाई एक्प्लोसिव भी बरामद किया था।
पुलिस ने विवेचना के दौरान अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करके उनके पास से 10 हैंड ग्रेनेड, 10 डेटोनेटर तथा विस्फोटक पदार्थ बरामद किया था। पुलिस की ओर से मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल 22 गवाह पेश किए गए थे।