अब यूपी की जेलों में रहेंगी 1 लाख गौरेया, बदलेगा माहौल
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कारागार मंत्री बीएस रामूवालिया ने जेलों में गौरैया पालन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि गौरैया घरेलू चिड़िया है और उसकी मौजूदगी से माहौल बदलेगा।
मंत्री ने सूबे की जेलों में गौरैया की संख्या को एक लाख से अधिक किए जाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि अब कच्चे मकान, झोपड़ी और छप्परों के प्राकृतिक आवास गायब हो रहे हैं।
कंक्रीट के भवन पक्षियों के लिए कातिल साबित हो रहे हैं। इसी कारण गौरैया की जनसंख्या में भारी गिरावट हुई है। मोबाइल टॉवर्स भी गौरैया के लिए घातक सिद्ध हुए हैं।
कारागार गृह में है विभिन्न प्रकार की पक्षी प्रजातियां
रामूवालिया ने कहा कि जेलों में अब हर साल 20 मार्च को ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाया जाएगा। कहा कि जेलों में गौरैया के घोंसलों के लिए प्राकृतिक, खुला स्थान उपलब्ध रहता है।
बड़े पुराने और पर्याप्त वृक्ष भी हैं। खाने-पीने का दाना अवशेष भोजन के रूप में भी पर्याप्त मात्रा में हर समय उपलब्ध रहता है। कारागार गृह में विभिन्न प्रकार की पक्षी प्रजातियां भी हैं।
गौतमबुद्वनगर जेल में गौरैया संरक्षण के लिए अभियान शुरू है। घोंसलों की ऊंचाई 25 सेमी तथा लंबाई व चौड़ाई 15 सेमी होगी। इसके लिए लकड़ी के घोंसले बनेंगे।