22 दिसंबर को दिल्ली में होगा 'समाजवादी ताकत' का ग्रांड शो
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केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ 22 दिसंबर को दिल्ली में जंतर-मंतर पर जनता दल परिवार के धरने में सपा अपनी ताकत का अहसास कराएगी।
सपा ने इस धरने के लिए भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी पश्चिमी यूपी के जिलों को सौंपी है। धरने के बाद गैर भाजपा और गैर कांग्रेस गठबंधन का नया समीकरण उभरने का अनुमान है।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा चुनाव के बाद मोदी सरकार को छह महीने का समय दिया था। यह समय बीतने पर जहां बिछड़े हुए जनता दल परिवार की एकता की कोशिशें चल रही हैं, वहीं 22 दिसंबर को जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान कर दिया गया।
धरने में सपा के अलावा जनता दल (यू), जनता दल (एस), राष्ट्रीय जनता दल, इंडियन नेशनल लोकदल व समाजवादी जनता पार्टी मुख्य रूप से शामिल होंगे।
इसके अलावा कई अन्य दलों के नेताओं को बुलावा भेजा जाएगा। सपा इस धरने के जरिये केंद्र सरकार और जनता दल से अलग हुई पार्टियों को अपनी ताकत का अहसास कराएगी।
बनेंगे नए सियासी समीकरण
सपा की योजना दिल्ली के निकट होने के कारण मेरठ, अलीगढ़, आगरा, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडलों से ज्यादा भीड़ जुटाने की है।
दिल्ली के नजदीकी जिलों में हर विधानसभा क्षेत्र से औसतन 20-20 बसों से कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
हर जिले से दो सौ से ढाई सौ कारों से कार्यकर्ता जाएंगे। सपा के जिम्मेदार नेता बैठकें करके दिल्ली में भीड़ ले जाने की रणनीति बना चुके हैं। कोशिश है कि हर जिले से आठ से 12 हजार कार्यकर्ता धरने में शामिल हों।
माना जा रहा है कि इस धरने के बाद जनता परिवार के घटक दलों में एकीकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। नए दल का नाम समाजवादी जनता दल प्रस्तावित है। इसकी कमान मुलायम सिंह यादव को सौंपी जाएगी। नया दल गैर कांग्रेसी और गैर भाजपा दलों के साथ गठबंधन करके राजनीतिक अखाड़े में उतरेगा।
अखिलेश ने युवा नेताओं पर जताया भरोसा
सपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने धरने में भीड़ जुटाने के लिए युवा नेताओं पर भरोसा जताया है। दिल्ली के पड़ोसी जिलों में युवा नेताओं को धरने के लिए प्रभारी बनाकर भेजा गया है।
गाजियाबाद में युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय लाठर, मेरठ में छात्र सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील यादव, बागपत में लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप तिवारी, शामली में छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान, हापुड़ में युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद भदौरिया, मुजफ्फरनगर में यूथ ब्रिगेड के पूर्व अध्यक्ष नईमुल हसन, अलीगढ़ में युवजन सभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नफीस अहमद, मथुरा में युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष बृजेश यादव, मुरादाबाद में युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव डॉ. कुलदीप उज्जवल और बुलंदशहर में यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष एबाद अहमद को स्थानीय नेताओं से समन्वय स्थापित कर भीड़ जुटाने का जिम्मा सौंपा गया है। पार्टी के प्रभारी मंत्री भी धरने की तैयारी में लगाए गए हैं।