फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   SP takes lead in District Panchayat president election.

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: सपा की जय-जय, विपक्ष 'गायब'

Sun, 03 Jan 2016 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 03 Jan 2016 12:42 AM IST
विज्ञापन
SP takes lead in District Panchayat president election.

जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा व बसपा के जिला पंचायत सदस्य कहीं गुम हो गए। दोनों पार्टियां सूबे के 74 जिलों में से 33 में सपा प्रत्याशियों के निर्विरोध जीत का रास्ता नहीं रोक पाईं।

विज्ञापन


इनमें कई जिले ऐसे भी हैं जहां भाजपा से संबंधित सदस्य अच्छी संख्या में जीते हैं। जो अयोध्या फैजाबाद भगवा राजनीति का केंद्र बिंदु है, वहां भी भगवा टोली सपा से मुकाबले के लिए किसी को खड़ा नहीं कर पाई।
विज्ञापन


इस स्थिति ने जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में भाजपा और बसपा की तरफ से किए गए जीत के दावों की पोल खोलकर रख दी है। साथ ही दोनों पार्टियों की विधानसभा चुनाव 2017 को लेकर की जा रही तैयारियों को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा के पास सूबे में अपना दल के दो सांसदों सहित 75 सांसद हैं, पर सपा की झोली में जिन जिलों की जिला पंचायत अध्यक्षी निर्विरोध आई है, उनमें गोंडा जैसे कई ऐसे भी जिले हैं जिनमें भाजपा सांसदों के ही परिवार या रिश्तेदार में से भी कोई न कोई जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता है।

भाजपाई दे रहे हैं सत्ता के दुरूपयोग का तर्क

SP takes lead in District Panchayat president election.

ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि किन कारणों से भाजपा के सांसद होते हुए सपा की निर्विरोध जीत का रास्ता रोकने की जरूरत नहीं समझी गई।

भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक पहले के उदाहरण देते हुए कहते हैं कि आम तौर पर यह चुनाव सत्तापक्ष के ही होते हैं।

इस बार तो प्रदेश सरकार ने सत्ता के दुरुपयोग की सारी मर्यादाओं को भी तोड़ दिया। इसलिए इसे भाजपा के कमजोर होने से नहीं जोड़ा जा सकता।

पाठक की बात मान भी लें तो यह सवाल उठता है कि कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह जैसे लोग अगर जिला पंचायत सदस्य अपनी पत्नी केतकी सिंह को सपा का रास्ता रोकने के लिए आगे नहीं ला सकते तो फिर भाजपा नेता किस आधार पर 2017 में सपा को हराने का दावा कर रहे हैं।

पंचायत सदस्य चुनाव में ये किए गए थे वादे

SP takes lead in District Panchayat president election.

जिला पंचायत सदस्य चुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा ने कुल 3112 सीटों में से 538 पर जीत का दावा किया था। साथ ही इसे जमीन पर पार्टी की पकड़ मजबूत होने का प्रमाण बताते हुए कहा था कि सूबे में सपा के खिलाफ नीचे तक नाराजगी व्याप्त है।

बसपा की तरफ से जीत वाली सीटों की संख्या तो नहीं बताई गई, लेकिन लेकिन जिला पंचायत सदस्यों में शानदार जीत मिलने की बात जरूर कही गई थी।

पार्टी सुप्रीमो मायावती ने तो यहां तक कह डाला था कि नतीजों से साफ हो गया है कि लोग सपा की सरकार हटाने का मन बनाए बैठे हैं। जैसे ही मौका मिलेगा वे सपा के खिलाफ वोट देकर बसपा को वापस सरकार में पहुंचा देंगे।

साठगांठ या समीकरण : सपा ने जिन सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की है, उनमें बुलंदशहर, गोंडा, गाजियाबाद, अमरोहा, फैजाबाद, एटा और शामली जैसे कई जिले ऐसे हैं जहां से भाजपा के ही सांसद हैं।

यही नहीं, इनमें कई जगह भाजपा और बसपा के लोग अच्छी संख्या में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते हैं। बुलंदशहर में भाजपा ने 12 और बसपा ने 17 सदस्यों की जीत का दावा किया था। भाजपा ने गाजियाबाद में भी कई सदस्यों की जीत का दावा किया था।

...तो क्या विपक्ष ने सत्तारूढ़ दल के सामने किया समर्पण

SP takes lead in District Panchayat president election.

फैजाबाद में भाजपा ने तीन और बसपा ने 14 सदस्यों की जीत का दावा किया था। गोंडा में भाजपा ने 14 सदस्य जीतने की बात कही थी, पर कहीं भी भाजपा या बसपा ने सपा की निर्विरोध जीत को रोकने की कोशिश नहीं की।

इससे सवाल उठता है कि ऐसा स्थानीय स्तर पर किसी साठगांठ या समीकरण के चलते हुआ अथवा विपक्ष ने सत्तारूढ़ दल के सामने समर्पण कर दिया।

यह वजह भी:
भले ही भाजपा व बसपा के सत्तारूढ़ दल सपा द्वारा सत्ताबल, धनबल और बाहुबल के दुरुपयोग के आरोप को राजनीतिक माना जाए, पर इसे सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता। भाजपा जब सत्ता में थी तो 1997 में 40 से अधिक जिलों में भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। बाद में सपा के शासन में 2005 में सपा का दबदबा हो गया।

2007 में बसपा सत्ता में आई तो कई जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष रातोंरात बसपाई हो गए। 2012 में सूबे में सपा सरकार आने के बाद कई जिलों में बसपा के जिला पंचायत अध्यक्ष सपाई बन गए, वहीं कई जगह अविश्वास प्रस्ताव के जरिये उन्हें हटा दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed