{"_id":"5f6a375d8ebc3edecb504f1e","slug":"sp-raised-questions-on-making-film-city-in-noida","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सपा ने नोएडा में फिल्म सिटी बनाने पर उठाए सवाल, अखिलेश ने किया ट्वीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा ने नोएडा में फिल्म सिटी बनाने पर उठाए सवाल, अखिलेश ने किया ट्वीट
Tue, 22 Sep 2020 11:11 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 22 Sep 2020 11:11 PM IST
विज्ञापन
अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फिल्म सिटी को लेकर राज्य सरकार की कवायद पर तंज कसा है। अखिलेश ने मंगलवार को ट्वीट करके कहा कि अब सपा काल की ‘फिल्म सिटी’ का श्रेय लेने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार कैंची लेकर फीता काटने को तैयार खड़ी है। पर अब न तो उसके अभिनेता का अभिनय काम आ रहा है, न ही कोई डायलॉग, उनकी फ्लॉप पिक्चर उतरने वाली है क्योंकि प्रदेश की असली तस्वीर बनाने वालों की एडवांस बुकिंग हो गई है।
उधर, सपा की पार्टी प्रवक्ता जूही सिंह ने फिल्म सिटी भी नोएडा में ही बनाने पर सवाल उठाए और पूर्वांचल के विकास को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। जूही सिंह ने कहा कि किसी चीज को बनाने और उसकी घोषणा करने में बहुत फर्क है। यह फिल्म सिटी तीसरी फिल्म सिटी होगी। जो पुराना ट्रैक रिकॉर्ड है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है। जूही ने बैठक में भाग लेने वाले फिल्म जगत के लोगों पर भी निशाना साधते हुए उन्हें कठघरे में खड़ा किया। कहा, आज जो लोग मीटिंग में आ रहे हैं, सपा सरकार ने अपने कार्यकाल में उन्हें आंशिक अनुदान भी दिया था बशर्ते फिल्में उत्तर प्रदेश में शूट की जाएं। इन लोगों से पूछा जाए कि कितनी फिल्में यूपी में शूट कीं, साथ ही पहली फिल्म सिटी में कितनी शूटिंग हुई? उन्होंने कहा कि राजू श्रीवास्तव तो समाजवादी पार्टी में भी रहे हैं। सपा सरकार की तरफ से उन्हें इसके लिए जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। उनसे पूछ लिया जाए कि कितना कार्य किया है? रविकिशन भी लखनऊ में फिल्म सिटी बनाने वाले थे, उसका क्या हुआ? जूही ने कहा कि नोएडा में ही सब कुछ क्यों? क्या उत्तर प्रदेश उससे आगे नहीं है? क्या मुख्यमंत्री को पूर्वांचल में रोजगार या फिल्म सिटी बनाने का शौक नहीं है? मुख्यमंत्री इस तरह की घोषणाएं बहुत करते रहे हैं। इस पर हम तवज्जो भी नहीं देते। ऐसी घोषणाओं से जनता को बेवकूफ नहीं बना सकते।
योगी सरकार जो कहती है वह करती है : सिद्धार्थनाथ
राज्य सरकार के प्रवक्ता व एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अखिलेश यादव पर पलटवार किया। सिद्धार्थनाथ ने ट्वीट करके कहा कि सपा सरकार की कथनी और करनी में बहुत बड़ा अंतर था, उनके सभी अधूरे कार्यों को भी योगी सरकार ने पूरे किए। फिल्म सिटी की आपने घोषणा तो की थी, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं। पर योगी सरकार जो कहती है वह करती भी है। उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता सपा के झूठे नाटकों को अच्छे से जानती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर, सपा की पार्टी प्रवक्ता जूही सिंह ने फिल्म सिटी भी नोएडा में ही बनाने पर सवाल उठाए और पूर्वांचल के विकास को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। जूही सिंह ने कहा कि किसी चीज को बनाने और उसकी घोषणा करने में बहुत फर्क है। यह फिल्म सिटी तीसरी फिल्म सिटी होगी। जो पुराना ट्रैक रिकॉर्ड है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है। जूही ने बैठक में भाग लेने वाले फिल्म जगत के लोगों पर भी निशाना साधते हुए उन्हें कठघरे में खड़ा किया। कहा, आज जो लोग मीटिंग में आ रहे हैं, सपा सरकार ने अपने कार्यकाल में उन्हें आंशिक अनुदान भी दिया था बशर्ते फिल्में उत्तर प्रदेश में शूट की जाएं। इन लोगों से पूछा जाए कि कितनी फिल्में यूपी में शूट कीं, साथ ही पहली फिल्म सिटी में कितनी शूटिंग हुई? उन्होंने कहा कि राजू श्रीवास्तव तो समाजवादी पार्टी में भी रहे हैं। सपा सरकार की तरफ से उन्हें इसके लिए जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। उनसे पूछ लिया जाए कि कितना कार्य किया है? रविकिशन भी लखनऊ में फिल्म सिटी बनाने वाले थे, उसका क्या हुआ? जूही ने कहा कि नोएडा में ही सब कुछ क्यों? क्या उत्तर प्रदेश उससे आगे नहीं है? क्या मुख्यमंत्री को पूर्वांचल में रोजगार या फिल्म सिटी बनाने का शौक नहीं है? मुख्यमंत्री इस तरह की घोषणाएं बहुत करते रहे हैं। इस पर हम तवज्जो भी नहीं देते। ऐसी घोषणाओं से जनता को बेवकूफ नहीं बना सकते।
विज्ञापन
योगी सरकार जो कहती है वह करती है : सिद्धार्थनाथ
राज्य सरकार के प्रवक्ता व एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अखिलेश यादव पर पलटवार किया। सिद्धार्थनाथ ने ट्वीट करके कहा कि सपा सरकार की कथनी और करनी में बहुत बड़ा अंतर था, उनके सभी अधूरे कार्यों को भी योगी सरकार ने पूरे किए। फिल्म सिटी की आपने घोषणा तो की थी, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं। पर योगी सरकार जो कहती है वह करती भी है। उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता सपा के झूठे नाटकों को अच्छे से जानती है।
विज्ञापन
किसानों की किस्मत कॉरपोरेट घरानों को सौंपने पर तुली है भाजपा : अखिलेश
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की छल-प्रपंच की नीति ने राजनीतिक शुचिता और लोकतंत्र पर गहरा आघात किया है। भाजपा सरकार को किसानों के हितों पर चोट करने में उसे जरा भी हिचक नहीं है। वह किसानों की किस्मत कॉरपोरेट घरानों को सौंपने पर तुली है। इसके लिए उसे संसद से लेकर विधानमंडल तक विपक्ष पर अपने बहुमत का रोडरोलर चलाने में लाज नहीं आई। वह किसानों को मजदूर बनाने पर तुली है। वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा सरकार को इसका सबक मिलेगा।
उन्होंने मंगलवार को कहा कि भाजपा तर्क से भागती है और विपक्ष की आपत्तियों का जवाब देने के बजाय बुनियादी मद्दों पर भ्रमित करने का काम करती है। विधान परिषद में विपक्ष का बहुमत है, लेकिन पिछले दिनों कई विधेयक बिना बहस के विपक्ष की तमाम आपत्तियों को अनसुना करते हुए पारित करा लिए गए। विपक्ष की बातों को अनसुना कर कृषि विधेयकों को पारित करा लिया गया। अब जब संसद के अंदर और बाहर कड़ी प्रतिक्रिया हो रही है तो बहकानेे की अपनी शैली में भाजपा सरकार ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य तत्काल घोषित कर दिए जबकि हमेशा अक्तूबर के तीसरे हफ्ते में घोषित होते थे।
गरीब परिवारों को स्मार्ट फोन दे सरकार
अखिलेश ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि चुनावी रैली के लिए लाखों एलईडी टीवी लगवाकर प्रचार पर अरबों खर्च करने वाली भाजपा सरकार के पास क्या शिक्षार्थियों व शिक्षकों के लिए ऑनलाइन शिक्षण की व्यवस्था करने का फं ड नहीं है? सरकार ईमानदारी से पीएम केयर्स फंड को जनता केयर्स फंड बनाए और देश के भविष्य की चिंता करे। उन्होंने ट्वीट किया ‘सरकार गरीब परिवारों में प्रति विद्यार्थी एक स्मार्ट फोन, नेटवर्क व बिजली उपलब्ध कराए, साथ टीचर्स को भी घरों पर डिजिटल अध्यापन के लिए नि:शुल्क हार्डवेयर दे।
उन्होंने मंगलवार को कहा कि भाजपा तर्क से भागती है और विपक्ष की आपत्तियों का जवाब देने के बजाय बुनियादी मद्दों पर भ्रमित करने का काम करती है। विधान परिषद में विपक्ष का बहुमत है, लेकिन पिछले दिनों कई विधेयक बिना बहस के विपक्ष की तमाम आपत्तियों को अनसुना करते हुए पारित करा लिए गए। विपक्ष की बातों को अनसुना कर कृषि विधेयकों को पारित करा लिया गया। अब जब संसद के अंदर और बाहर कड़ी प्रतिक्रिया हो रही है तो बहकानेे की अपनी शैली में भाजपा सरकार ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य तत्काल घोषित कर दिए जबकि हमेशा अक्तूबर के तीसरे हफ्ते में घोषित होते थे।
गरीब परिवारों को स्मार्ट फोन दे सरकार
अखिलेश ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि चुनावी रैली के लिए लाखों एलईडी टीवी लगवाकर प्रचार पर अरबों खर्च करने वाली भाजपा सरकार के पास क्या शिक्षार्थियों व शिक्षकों के लिए ऑनलाइन शिक्षण की व्यवस्था करने का फं ड नहीं है? सरकार ईमानदारी से पीएम केयर्स फंड को जनता केयर्स फंड बनाए और देश के भविष्य की चिंता करे। उन्होंने ट्वीट किया ‘सरकार गरीब परिवारों में प्रति विद्यार्थी एक स्मार्ट फोन, नेटवर्क व बिजली उपलब्ध कराए, साथ टीचर्स को भी घरों पर डिजिटल अध्यापन के लिए नि:शुल्क हार्डवेयर दे।