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'मुख्यमंत्री अखिलेश से मिलना यानी एवरेस्ट पर चढ़ना'
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 08 Jan 2015 10:47 AM IST
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‘मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलना इन दिनों काफी मुश्किल हो गया है। इसलिए प्रेस के माध्यम से अपनी बात ऊपर तक पहुंचा रहा हूं।’ ये बातें विधानभवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कही।
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उन्होंने इतना ही नहीं आगे यह भी कहा कि मुख्यमंत्री से मिलना एवरेस्ट चोटी पर झंडा फहराने जैसा मुश्किल हो गया है। सपा एमएलसी ने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस तदर्थ शिक्षकों के संबंध में अपनी बात कहने के लिए बुलाई थी।
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उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर 2000 तक मंडलीय समिति के जरिये तदर्थ नियुक्तियां की जाती रही हैं। मौजूदा समय में लगभग 13 हजार तदर्थ शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से करीब 12 हजार तदर्थ शिक्षक तो पिछले 18 सालों से कार्यरत हैं। लेकिन वर्ष 1999 तक के तदर्थ शिक्षकों के नियमितीकरण का फैसला ठीक नहीं है।
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इसका फायदा सिर्फ तीन हजार शिक्षकों को ही मिलेगा, जबकि दस हजार शिक्षक अपने वाजिब हक से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय से कार्यरत दिहाड़ी मजदूर भी नियमित नौकरी के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों के नियमितीकरण से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा, क्योंकि सभी नियुक्तियां रिक्त पदों पर ही हुई हैं।