सपा नेता ने राज्यपाल को हद में रहने को कहा
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सपा सरकार और राजभवन के बीच तल्खी की शुरुआत करते हुए पार्टी के महासचिव नरेश अग्रवाल ने राज्यपाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्यपाल को अपनी सीमा में रहने की चेतावनी देते हुए नरेश अग्रवाल ने उनके खिलाफ हल्ला बोल की तैयारी करने की धमकी भी दे डाली।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि राज्यपाल यदि हदें पार करेंगे तो सपा उनके खिलाफ ‘हल्ला बोल’ को तैयार है। सपा नेता की इस बयानवाजी को प्रदेश सरकार और राजभवन के बीच बढ़ती तल्खी के रूप में देखा जा रहा है।
संघ या भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम न करें गवर्नर
अग्रवाल ने कहा, राज्यपाल को आरएसएस या भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम नहीं करना चाहिए। उन्हें संवैधानिक सीमाओं में रहना चाहिए। संविधान के मुताबिक राज्यपाल सरकार को केवल सलाह दे सकते हैं, कोई निर्देश नहीं।
पूर्व राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने भी अपनी सीमाओं का उल्लंघन किया था। उस समय सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। उन्होंने पूरी ताकत से इस पर विरोध जताया था।
समानांतर सरकार चलाना चाह रहे राज्यपाल
सपा के एक अन्य प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी कहा कि राज्यपाल समानांतर सरकार की तरह काम करना चाह रहे हैं। राज्यपाल को एसआर बोम्मई और बीपी सिंघल के केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़ना चाहिए।
इसमें राज्यपाल के अधिकारों का स्पष्ट उल्लेख है। उन्हें राज्यपाल से अपील की कि उन्हें संविधान में दिए गए अधिकारों के दायरे में रहकर दायित्वों का निवर्हन करना चाहिए।
सपा में निष्ठा जताने को टिप्पणी:
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि बार-बार दल बदलने वाले नरेश अग्रवाल सपा के प्रति अपनी निष्ठा जताने के लिए राजभवन पर टिप्पणी कर रहे हैं। ऐसे व्यक्ति को संवैधानिक पद पर कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।