आरक्षण पर जंग शुरू, सपा सरकार को दी बड़ी चुनौती
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यूपी की समाजवादी सरकार दलित आरक्षण की विरोधी है। वह खुल्लम-खुल्ला कहती है कि प्रमोशन में आरक्षण नहीं लागू करेंगे। सपा सरकार में अनुसूचित जाति के 58 विधायक हैं।
लिहाजा आरक्षण के लिए इन्हें दबाव बनाना चाहिए। अगर यह सरकार का विरोध कर देंगे तो सरकार गिर जाएगी।
यह विधायक अगर समाज का साथ न दें तो इन्हें समाज का अपराधी घोषित करना चाहिए। ये बातें कांग्रेस के राज्यसभा सांसद व केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन पीएल पुनिया ने यहां रविवार को सेवा स्तंभ उत्तर प्रदेश के एक सेमिनार में कही।
उन्होंने कहा, जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक प्रमोशन में आरक्षण की लड़ाई नहीं जीती जा सकती है।
'लोकसभा में पास करा दो, राज्यसभा में हम पास कराएंगे'
पुनिया ने केंद्र की भाजपा सरकार से अपील की है कि प्रमोशन में आरक्षण संबंधी बिल लोकसभा में आप पास करा दो, राज्यसभा से इसे हम पास करा देंगे। इससे पहले हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश खेमकरन ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण के लिए हमें संसद की ओर देखना चाहिए।
पूर्व डीजीपी श्रीराम अरुण ने कहा कि सरकारी स्कूलों में सुधार तभी आ सकता है, जब मंत्री व अफसरों के बच्चे भी यहां पढ़ें। सेमिनार में सेवास्तंभ के अध्यक्ष सीएल राजन, अंबेडकर केंद्रीय विवि के डॉ. एनके मोरे समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे।
यूपी में दलितों की स्थिति की समीक्षा 9 को
पुनिया ने कहा, यूपी में दलितों के आरक्षण की स्थिति काफी खराब है। यहां पर दलितों के बच्चों को तीन-तीन वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिली है। इन सभी मसलों पर आयोग यूपी की समीक्षा नौ सितंबर को करेगा।