'सपा समझदारों और विद्वानों का सम्मान करना जानती है'
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सपा समझदारों और विद्वानों का सम्मान करना जानती हैं। उसके राज में हमेशा ही विद्वानों को ववज्जो दी गई है। जब से समाजवादी पार्टी की सरकार बनी है तब से हमारी कोशिश यही है कि अधिक से अधिक विद्वानों का सम्मान किया जाए। यह बात मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संस्कृत संस्थान के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में कही।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जब भाषा का सम्मान बढ़ेगा तभी हमारी संस्कृति भी आगे बढ़ेगी। लेकिन भाषाओं का सम्मान कैसे वापस आए इस पर भी हमें सोचना होगा। संस्कृत भाषा तो वैसे भी सबसे प्राचीन व सम्मान वाली भाषा है। सारी भाषाएं इसी से निकली हैं। यह धर्म व मंत्रों से जुड़ी हुई भाषा है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर संस्कृत संस्थान के पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर संस्कृत के प्रकांड विद्वान 84 साल आचार्य रामयत्न शुक्ल को विश्वभारती सम्मान से पुरस्कृत किया गया।
उन्हें पांच लाख एक हजार रुपये, स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वाल्मीकि, व्यास, विशिष्टï सहित कुल 22 विद्वानों का सम्मान किया।
नेताजी ने हर भाषा को आगे बढ़ाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत, हिन्दी व उर्दू भाषाएं लोगों को एक-दूसरे से जोडऩे का काम करती हैं। नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने हर भाषा को आगे बढ़ाने के लिए काम किया है। अब उनकी सरकार भी ऐसा ही कर रही है। उन्होंने उपस्थित विद्वानों से कहा कि यदि समय समय पर आप कोई सुझाव सरकार को देंगे तो सरकार उन सुझावों पर जरूर काम करेगी।
इससे पहले हिन्दी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह ने कहा कि भारत विश्व गुरु गीता व वेदों के कारण ही बना था। यह सब संस्कृत भाषा के कारण ही संभव हो सका है। संस्कृत भाषा काफी गौरवशाली है। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि वेदों को पढऩे व संस्कृति को समझने के लिए संस्कृत भाषा बहुत जरूरी है। सपा सरकार ने ही न सिर्फ संस्कृत विद्वानों का सम्मान किया बल्कि इसकी धनराशि भी दोगुनी की है।
विश्वभारती पुरस्कार पाने वाले रामयत्न शुक्ल ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने ही संस्कृत विद्यालयों का जीर्णोंद्धार कराया था। संस्कृत भाषा का उद्धार भी उन्होंने ही किया है। सपा सरकार ने ही विद्वानों की सम्मान राशि दोगुनी की है। उन्होंने सरकार से निवेदन किया कि संस्कृत विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने में मदद करें। कार्यक्रम में राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी, पिछड़ा वर्ग एवं विकलांग कल्याण मंत्री अंबिका चौधरी, संस्कृत संस्थान की निदेशक साधना मिश्रा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
यूपी की नकल करता है केंद्र
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नकल केंद्र सरकार करती है। जो काम यूपी करता है बाद में वही काम केंद्र सरकार भी करती है। श्रीमद् भगवत गीता चैम्पियन लीग जीतने वाली कक्षा छह की मुस्लिम छात्रा मरियम सिद्दीकी का पहले हमने सम्मान किया बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान किया।
इससे पहले भी कई मामले ऐसे आ चुके हैं जिसमें केंद्र ने यूपी की नकल की है। जहां तक सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्याल को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाए जाने की मांग है तो हम यहां से प्रस्ताव केंद्र सरकार भेज देंगे।
लेकिन एक बात है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय वाले लोग संस्कृत के नजदीक होने का दिखावा ज्यादा करते हैं। यदि इस विश्वविद्यालय को वे ले लेंगे तो अच्छा है यदि वे नया संस्कृत विश्वविद्यालय यूपी में खोलना चाहते हैं तो हम उसके लिए भी जमीन मुहैया करा देंगे।