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विधान परिषद चुनाव: सपा-बसपा ने दिया लोकसभा चुनाव 2019 का नमूना, खेला दलित-पिछड़ा कार्ड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:51 AM IST
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मायावती व अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
यूपी विधान परिषद चुनाव में सपा-बसपा ने दलित व पिछड़ा कार्ड खेला है। सपा ने पिछड़ा और बसपा ने दलित प्रत्याशी उतारा है। सपा-बसपा गठबंधन इसी सोशल इंजीनियरिंग से 2019 के चुनाव में उतरना चाहता है।
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बसपा ने भीमराव अंबेडकर तो सपा ने नरेश उत्तम पटेल को उम्मीदवार बनाया है। ये दोनों क्रमश: अनुसूचित जाति की जाटव और पिछड़े वर्ग की कुर्मी बिरादरी से आते हैं।
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भाजपा ने 10 प्रत्याशियों में पिछड़े वर्ग से केवल अशोक कटारिया और अनुसूचित जाति से विद्यासागर सोनकर को प्रत्याशी बनाया है। अपना दल (सोनेलाल) ने भी कुर्मी बिरादरी के आशीष सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया है। सपा-बसपा ने यही संदेश देने की कोशिश की है कि एजेंडे में पिछड़े और दलित सबसे ऊपर हैं।
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दरअसल, विधान परिषद चुनाव में नामजदगी के आखिरी दिन सोमवार को भाजपा के 10 और अपना दल (एस) व सपा के एक-एक प्रत्याशी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। बसपा के भीमराव अंबेडकर पहले ही पर्चा भर चुके हैं। परिषद की 13 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में 13 ही नामांकन पत्र जमा होने से सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय है।