फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   SP alliance parties are not comfertable with seats given by Akhilesh yadav.

UP Election 2022: सीटों को लेकर अभी से असहज हो रहे सपा के सहयोगी दल, समीकरण के हिसाब से चाह रहे सीटें

Fri, 04 Feb 2022 02:30 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 04 Feb 2022 02:30 PM IST
सार

सपा के सहयोगी दल कई सीटों पर चुनाव लड़ने को राजी नहीं हैं। सुभासपा व अपना दल (के) जातीय समीकरण के हिसाब से सीटें चाह रहे हैं।

विज्ञापन
SP alliance parties are not comfertable with seats given by Akhilesh yadav.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

समाजवादी पार्टी के प्रमुख सहयोगी दल अभी से ही सीटों को लेकर असहज हो रहे हैं। इसकी वजह यह है कि गठबंधन के तहत सपा द्वारा जो सीटें सहयोगी दलों सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और अपना दल (कमेरावादी) को दी गई हैं, उनमें से कई सीटों पर चुनाव लड़ने को दोनों दल राजी नहीं हैं। ऐसे में इन सीटों को बदलने को लेकर सहयोगी दल अभी भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर दबाव बनाए हुए हैं।

विज्ञापन


दरअसल सपा की तरह सहयोगी दल भी यही चाहते हैं कि उनको भी वहीं सीटें दी जाएं, जिसे जीतने में कोई संशय न हो। इसके लिए दोनों दलों ने अपनी-अपनी जाति के समीकरण के लिहाज से सीटों को चिह्नित करके सपा अध्यक्ष को लिस्ट भी सौंप दी थी। उन्हें उम्मीद थी उनके हिस्से में वही सीटें मिलेंगी, लेकिन उनमें कई सीटें ऐसी दी गई हैं, जिस पर न जातीय समीकरण अनुकूल है और न ही दोनों दलों के नेताओं का ही प्रभाव है। सुभासपा चाहती थी कि उन्हें अवध की सीतापुर, लखीमपुर के अलावा अधिक से अधिक सीट पूर्वांचल में दी जाएं। खास तौर पर वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, मऊ और देवरिया में।
विज्ञापन


इसी प्रकार अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने भी वाराणसी, प्रयागराज और प्रतापगढ़ की उन सीटों पर ही दावेदारी कर रखी थी, जिन पर कुर्मी मतदाताओं की संख्या अधिक है। लेकिन, सपा ने पल्लवी पटेल को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ कौशांबी की सिराथू सीट पर उतार दिया। इसे लेकर अपना दल के नेता असहज महसूस कर रहे हैं। इस सीट की घोषणा के तत्काल बाद ही पार्टी के महासचिव पंकज पटेल निरंजन ने असहजता जाहिर भी कर दी थी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट तौर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन इशारे में संकेत जरूर किया है कि यदि सपा एक सीट भी नहीं देगी तो भी अपना दल उनकी लड़ाई में साथ खड़ा रहेगा। सिराथू सीट पर पल्लवी के उम्मीदवारी की घोषणा के तत्काल बाद पल्लवी के पति पंकज के इस बयान के निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों की माने तो कृष्णा पटेल का सबसे अधिक जोर वाराणसी की रोहनिया या पिंडरा सीट को लेकर है, लेकिन समाजवादी पार्टी इन सीटों को अपने लिए सबसे अधिक उपयुक्त मान रही है। इसलिए सपा उन्हें किसी और जिले में सीटें देने की बात पर अड़ी है। ऐसे में दोनों दलों के बीच वाराणसी की किसी एक सीट को लेकर रस्साकसी चल रही है।

सपा और सुभासपा के बीच अब भी कुछ सीटों पर सहमति नहीं बन पा रही है

उधर, सुभासपा के साथ भी कुछ ऐसी ही स्थिति बताई जा रही है। आपसी समझौते में सुभासपा को करीब 14 से 16 सीटें दिए जाने की बात कही जा रही है। सुभासपा अभी तक 5 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है। कहा जा रहा है कि सपा और सुभासपा के बीच अब भी कुछ सीटों पर सहमति नहीं बन पा रही है। सूत्रों की माने तो सुभासपा आजमगढ़ और बलिया में ऐसी कई सीटों पर दावा कर चुकी है, जिस पर सपा का कब्जा है। संभावना है कि एक-दो दिन के भीतर तीनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर छाया धुंध हट सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed