कम हो सकता है 9 वीं से 12वीं तक का पाठ्यक्रम, मानव संसाधन मंत्रालय ने की चर्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में शैक्षिक सत्र 2020-21 में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के पाठ्यक्रम कम किए जा सकते हैं। इस बाबत केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में स्कूलों को खोलने के बाबत चर्चा की गई।
इस दौरान मंत्रालय के सचिव ने सभी राज्यों के शिक्षा अधिकारियों से पाठ्यक्रम को लेकर बातचीत की। इसमें यह सामने आया कि सत्र 2020-21 में अप्रैल-मई में स्कूल नहीं खुला और अब जुलाई में भी तारीख तय नहीं होने से पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो सकेगा। इस दौरान पाठ्यक्रम में कटौती करने का सुझाव दिया।
यूपी में माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने कहा कि यूपी बोर्ड में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू है। अगर केंद्र सरकार पाठ्यक्रम कम करेगी तो यूपी में उसी के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। वहीं, बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद की स्कूलों में रोजाना एक घंटे अधिक कक्षाएं संचालित कर पाठ्यक्रम को पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। वीसी में माध्यमिक शिक्षा निदेशक वीके पांडेय भी मौजूद थे।
वित्तविहीन विद्यालयों का दबाव
प्रदेश में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं, सांसद, विधायकों के वित्तविहीन स्कूल संचालित हैं। सरकार ने इन स्कूलों पर फीस नहीं बढ़ाने, जबरन फीस वसूली नहीं करने और लॉकडाउन की अवधि में शिक्षकों व कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का दबाव बनाया है।
मगर लॉकडाउन की अवधि में फीस नहीं मिलने पर अब वित्तविहीन स्कूलों के संचालक स्कूल खोलने का दबाव बना रहे हैं ताकि बच्चों की फीस जमा होना शुरू हो सके।