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50 हजार ग्राम पंचायतों का होगा सोशल ऑडिट

Tue, 03 Jun 2014 11:32 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 03 Jun 2014 11:32 AM IST
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social audit for fifty thousand gram panchayat

चुनिंदा ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्यों के सोशल ऑडिट के उत्साहजनक नतीजे सामने आने के बाद शासन ने सूबे की सभी 50 हजार ग्राम पंचायतों की सोशल ऑडिट कराने का फैसला किया है।

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तीन जुलाई से मनरेगा के साथ-साथ इंदिरा आवास की भी सोशल ऑडिट कराई जाएगी। इस संबंध में जिलों को दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं।

अगले वित्त वर्ष से वर्ष में दो बार सोशल ऑडिट कराने की योजना है। प्रदेश सरकार ने सूबे में पिछले साल से सोशल ऑडिट का कार्य शुरू कराया।

प्रयोग के तौर पर सबसे पहले मनरेगा के अंतर्गत 10 लाख रुपये से अधिक का बजट खर्च करने वाली पंचायतों को चुना गया।

वर्ष 2013-14 में मनरेगा से 2012-13 में कराए गए कार्यों की सोशल ऑडिट कराई गई। 13192 में से 11412 ग्राम पंचायतों में ऑडिट का काम पूरा हो गया।

अफसर कहते हैं कि चुनाव आचार संहिता न होती तो लक्ष्य पूरा हो जाता। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अरुण सिंघल ने बताया कि वर्ष 2014-15 में वर्ष 2013-14 में हुए कार्यों का सोशल ऑडिट होगा।
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वर्ष 2013-14 में हुए समस्त विकास कार्यों का ब्योरा 15 जून तक उपलब्ध कराने को कहा गया है।

विकास खंड स्तर से ये रिकार्ड जिला मुख्यालयों को उपलब्ध कराए जाएंगे। चंदौली, बलिया, गाजीपुर और कासगंज को छोड़कर बाकी सभी जिलों में तीन जुलाई से एक साथ सोशल आडिट का काम शुरू किया जाएगा।
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इसके लिए कर्मियों को प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। सोशल ऑडिट के अंतर्गत गांव स्तर पर योजना में कराए गए कार्यों की जांच सिविल सोसाइटी से कराई जाती है।

आडिट का असर
-यदि किसी रकम के गबन या अनुचित उपयोग की पुष्टि होती है तो उसकी वसूली की जाएगी।

-मजदूरी के दुरुपयोग की बात सामने आने पर सात दिनों मजदूरी की वसूली कर संबंधित मजदूर को दिलाया जा सकता है।

-योजनाओं का दुरुपयोग करने के जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सिविल या आपराधिक जो आवश्यक हो कार्रवाई की जा सकती है।

-प्रदेश सरकार सोशल आडिट के निष्कर्षों पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार है।

-हर साल राज्य विधानमंडल के सत्र में इसकी वार्षिक रिपोर्ट पेश की जाएगी।

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