{"_id":"5f80b28e136f6613de0efaee","slug":"so-s-audio-giving-information-before-raid-goes-viral","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊः दबिश से पहले जानकारी देते एसओ का ऑडियो वायरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊः दबिश से पहले जानकारी देते एसओ का ऑडियो वायरल
Sat, 10 Oct 2020 12:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 10 Oct 2020 12:27 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
अम्बेडकरनगर- थानाध्यक्ष बेवाना का एक ऑडियो शुक्रवार शाम वायरल हुआ जिसमें एक अभियुक्त के घर दबिश से पहले वो इसकी जानकारी उसके भाई को देते सुने जा रहे हैं। अभियुक्त के भाई ने एसपी को पत्र भेजकर कहा है कि पैसे की अवैध वसूली के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से यह किया गया।
शुक्रवार शाम वायरल हुई ऑडियो में थानाध्यक्ष बेवाना जितेंद्र सिंह एक व्यक्ति से फोन पर वार्ता करने के दौरान यह कहते हुए सुने गए कि मैं रात में 2 बजे दबिश देने आऊंगा। थानाध्यक्ष ने व्यक्ति से कहा कि तुम लोग मुझे नचाते रहो तो मैं नाचता रहूंगा क्या। मैं दबिश देने रात में 2 बजे निकलता हूं। बोलो तो उसी समय दबिश देने आ जाऊं।
ऑडियो टेप में युवक एसओ से यह अनुरोध करते हुए दिखा कि उसका भाई बाहर गया है आते ही वह सब मिल लेंगे। ऑडियो वायरल होने के साथ ही सिवरा निवासी आशीष उपाध्याय ने एसपी को पत्र भेजकर कहा कि उसे तथा उसके भाई पवन को जानलेवा हमले के एक मामले में फर्जी फंसाया गया था।
विज्ञापन
उसी के आधार पर वसूली का प्रयास किया जा रहा है। सिपाही के माध्यम से एक लाख रुपये मांगे गए हैं। उधर एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि ऑडियो अभी मिला नहीं है। ऑडियो मिलने पर उसके अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
शुक्रवार शाम वायरल हुई ऑडियो में थानाध्यक्ष बेवाना जितेंद्र सिंह एक व्यक्ति से फोन पर वार्ता करने के दौरान यह कहते हुए सुने गए कि मैं रात में 2 बजे दबिश देने आऊंगा। थानाध्यक्ष ने व्यक्ति से कहा कि तुम लोग मुझे नचाते रहो तो मैं नाचता रहूंगा क्या। मैं दबिश देने रात में 2 बजे निकलता हूं। बोलो तो उसी समय दबिश देने आ जाऊं।
विज्ञापन
ऑडियो टेप में युवक एसओ से यह अनुरोध करते हुए दिखा कि उसका भाई बाहर गया है आते ही वह सब मिल लेंगे। ऑडियो वायरल होने के साथ ही सिवरा निवासी आशीष उपाध्याय ने एसपी को पत्र भेजकर कहा कि उसे तथा उसके भाई पवन को जानलेवा हमले के एक मामले में फर्जी फंसाया गया था।
विज्ञापन
उसी के आधार पर वसूली का प्रयास किया जा रहा है। सिपाही के माध्यम से एक लाख रुपये मांगे गए हैं। उधर एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि ऑडियो अभी मिला नहीं है। ऑडियो मिलने पर उसके अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।