कठिनाई नहीं लक्ष्य देखेंगे तभी मिलेगी सफलता : स्मृति ईरानी
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सभी के जीवन में कुछ न कुछ लक्ष्य होता है और उनमें आने वाली कठिनाइयां भी होती हैं। हम कहां पहुंचेंगे ये इस बात पर निर्भर करता है कि हम लक्ष्य देखते हैं या कठिनाइयां। केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) लखनऊ में भावी प्रबंधकों को ये गुरुमंत्र दिया। स्मृति ईरानी वार्षिक खेल, सांस्कृतिक और प्रबंधन प्रतियोगिता ‘मेनफेस्ट-वर्चस्व’ में बोल रही थीं। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए।
राजनीति के क्षेत्र में महिलाओं के सामने चुनौती होने के सवाल पर स्मृति ईरानी ने कहा कि सिर्फ राजनीति में ही नहीं बल्कि हर क्षेत्र में महिलाओं को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। घर में भी उनके सामने ज्यादा सवाल होते हैं। यह सिलसिला कार्य क्षेत्र में भी कायम रहता है।
कोरियर कंपनी में काम करते हुए मॉडलिंग, अभिनय और राजनीतिक कॅरिअर तक के मुकाम पर पहुंचने में सबसे ज्यादा किस खूबी ने मदद की, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि अपनी बात लोगों को समझाना सबसे बड़ी बात रही।
बेहतर संचार से चीजें आसान हो जाती हैं। स्मृति ईरानी ने कहा कि कोरियर कंपनी में काम करने के दौरान सीखे गए प्रबंधन के तरीकों ने काफी मदद की। उनके अनुसार विश्व के मुकाबले भारत में बिजनेस करने की ज्यादा क्षमता है। उन्होंने उत्पाद की लागत कम करने को टेक्सटाइल क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती बताया। साथ ही उन्होंने जूट उद्योग के क्षेत्र में होने वाले विकास पर भी बात की।
जूट के उपयोग से सड़क की लाइफ 20 से 25 फीसदी बढ़ जाती है। इसलिए इसका सुझाव सभी राज्यों को भेजा जाएगा। इसी तरह सिल्क उद्योग में मुख्य उत्पाद के बाद बची हुई सामग्री का उपयोग कई ब्यूटी उत्पाद बनाने में किया जा सकता है। इसके लिए उत्पादकों को जागरूक किया जा रहा है। तीन दिवसीय समारोह के दौरान विशेष व्याख्यान के साथ ही डांस, फैशन परेड, थियेटर, म्यूजिक और लिटरेरी फेस्ट प्रतियोगिताएं होंगी।
समझौता वार्ता में मुख्य भूमिका निभा सकती हैं महिलाएं
सवाल-जवाब सत्र के दौरान छात्रा हर्षी के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि व्यावसायिक, राजनीतिक या फिर कूटनीतिक समझौता वार्ता में महिलाएं मुख्य भूमिका निभा सकती हैं। अभी तक इस तरह के सवाल भी नहीं उठते थे। यह अच्छी बात है कि बदलाव आ रहा। उनके अनुसार इस तरह की वार्ता में महिलाओं को हमेशा प्लान-बी, सी या फिर डी तैयार रखना चाहिए।
घर पर निभाती हूं मां की जिम्मेदारी
रोजमर्रा की जीवनचर्या के बारे में सवाल आने पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वह भी एक सामान्य मां की तरह बेटे से बात करती हैं। बेटी से उसके प्रैक्टिकल के बारे में पूछती हैं। एयरपोर्ट पर प्रतीक्षा समय के दौरान होशियार कौए की कहानी पढ़ती हैं। सबसे जरूरी यह होता है कि कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करती हूं।
स्वास्थ्य की अनदेखी करना सबसे बड़ी गलती
स्मृति ईरानी ने कहा कि स्वास्थ्य सबसे बड़ी जरूरत है। उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करना है। बच्चा होने के महज तीन दिन बाद काम पर लौटने की वजह से उनका स्वास्थ्य काफी प्रभावित हुआ। इसलिए सभी को अपने स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
मजाक में उड़ाया भारतीय राजनीति के भविष्य का सवाल
छात्र सचिन सिंह ने केंद्रीय मंत्री से सवाल पूछा कि मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से वह भारतीय राजनीति के भविष्य को किस तरह देखती हैं। इस पर केंद्रीय मंत्री ने मजाक में बोला कि - क्या आप राहुल गांधी की बात कर रहे हैं।
कार्यकारी निदेशक की फिसली जुबान
समारोह के दौरान आईआईएम के कार्यकारी निदेशक प्रो. राजीव कुमार श्रीवास्तव की जुबान फिसल गई। धन्यवाद ज्ञापन के दौरान वह स्मृति ईरानी को श्रीमती गांधी बोल गए। हालांकि अगले ही पल उन्होंने बात संभाल ली।