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Lucknow News: साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जाने वाले छह सिम बॉक्स मिले
Mon, 02 Nov 2026 02:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 02 Nov 2026 02:06 AM IST
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मौके से बरामद सिम बॉक्स।
लखनऊ। डिजिटल अरेस्ट समेत साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले सिम बॉक्स नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। साइबर क्राइम टीम ने शनिवार को शहर के चार ठिकानों पर छापा मारकर छह अवैध 32-पोर्ट सिम बॉक्स और बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। हालांकि, किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिये इंटरनेट आधारित कॉल को भारतीय मोबाइल नंबरों से संचालित कर साइबर ठगी की जा रही थी।
एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि अवैध सिम बॉक्स के संचालन की सूचना पर एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और तकनीकी तथ्यों का विश्लेषण किया गया। दूरसंचार और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों से मिली जानकारी के आधार पर हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन और संदिग्ध ठिकानों को चिह्नित किया गया। इसके बाद संयुक्त टीमों ने सुशांत गोल्फ सिटी के स्वाति अपार्टमेंट, पारा के आदर्श विहार स्थित आशीर्वाद बिल्डिंग, बीबीडी के गोल्ड लाइन अपार्टमेंट और चिनहट के आदर्श नगर स्थित जीजे पैराडाइज में छापा मारा।
यहां से छह 32-पोर्ट सिम बॉक्स, तीन वीपीएन गेटवे, 21 स्मार्ट स्विच, तीन स्मार्ट हब, चार इन्वर्टर और यूपीएस, 18 बैटरियां, एक टैबलेट और अन्य उपकरण बरामद हुए। साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कर बरामद उपकरणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है।
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लोकेशन छुपाने के लिए इस्तेमाल होता है सिम बॉक्स
एडीसीपी के अनुसार, सिम बॉक्स में एक साथ कई सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं। इनके जरिये इंटरनेट आधारित कॉल मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती हैं, जिससे कॉल का वास्तविक स्रोत छिप जाता है। साइबर अपराधी विदेश में बैठकर कॉल करते हैं, जबकि पीड़ित के मोबाइल पर भारतीय नंबर दिखाई देता है।
सौगात अस्थान ने किराये पर लिए थे चारों ठिकाने
एसीपी साइबर क्राइम शाहिदा परवीन ने बताया कि चारों ठिकाने सौगात अस्थाना नाम के व्यक्ति ने किराये पर लिए थे। उसने वहां सिम बॉक्स और अन्य उपकरण लगाकर नेटवर्क तैयार किया था। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भी की जाती थी। वाराणसी में हाल ही में पकड़े गए जालसाजों से पूछताछ में उसका नाम सामने आया था। पुलिस को उसके दो आधार कार्ड मिले हैं, जिनमें एक पर कानपुर और दूसरे पर सुशांत गोल्फ सिटी का पता दर्ज है। एसीपी के मुताबिक, लखनऊ में हाल के दिनों में हुई डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं में भी इन सिम बॉक्स का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस सौगात और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
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एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि अवैध सिम बॉक्स के संचालन की सूचना पर एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और तकनीकी तथ्यों का विश्लेषण किया गया। दूरसंचार और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों से मिली जानकारी के आधार पर हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन और संदिग्ध ठिकानों को चिह्नित किया गया। इसके बाद संयुक्त टीमों ने सुशांत गोल्फ सिटी के स्वाति अपार्टमेंट, पारा के आदर्श विहार स्थित आशीर्वाद बिल्डिंग, बीबीडी के गोल्ड लाइन अपार्टमेंट और चिनहट के आदर्श नगर स्थित जीजे पैराडाइज में छापा मारा।
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यहां से छह 32-पोर्ट सिम बॉक्स, तीन वीपीएन गेटवे, 21 स्मार्ट स्विच, तीन स्मार्ट हब, चार इन्वर्टर और यूपीएस, 18 बैटरियां, एक टैबलेट और अन्य उपकरण बरामद हुए। साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कर बरामद उपकरणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है।
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लोकेशन छुपाने के लिए इस्तेमाल होता है सिम बॉक्स
एडीसीपी के अनुसार, सिम बॉक्स में एक साथ कई सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं। इनके जरिये इंटरनेट आधारित कॉल मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती हैं, जिससे कॉल का वास्तविक स्रोत छिप जाता है। साइबर अपराधी विदेश में बैठकर कॉल करते हैं, जबकि पीड़ित के मोबाइल पर भारतीय नंबर दिखाई देता है।
सौगात अस्थान ने किराये पर लिए थे चारों ठिकाने
एसीपी साइबर क्राइम शाहिदा परवीन ने बताया कि चारों ठिकाने सौगात अस्थाना नाम के व्यक्ति ने किराये पर लिए थे। उसने वहां सिम बॉक्स और अन्य उपकरण लगाकर नेटवर्क तैयार किया था। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भी की जाती थी। वाराणसी में हाल ही में पकड़े गए जालसाजों से पूछताछ में उसका नाम सामने आया था। पुलिस को उसके दो आधार कार्ड मिले हैं, जिनमें एक पर कानपुर और दूसरे पर सुशांत गोल्फ सिटी का पता दर्ज है। एसीपी के मुताबिक, लखनऊ में हाल के दिनों में हुई डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं में भी इन सिम बॉक्स का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस सौगात और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

मौके से बरामद सिम बॉक्स।

मौके से बरामद सिम बॉक्स।