एसआईटी जांच में खुलेगा आईपीएस अफसरों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का सच
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गौतमबुद्ध नगर के एसएसपी वैभव कृष्ण द्वारा पांच आईपीएस अफसरों के खिलाफ भेजे गए शिकायती पत्र की जांच अब एसआईटी करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इसके लिए निदेशक सतर्कता हितेश चंद्र अवस्थी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर दी गई है। एसआईटी में एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश और जल निगम के एमडी विकास गोठलवाल को बतौर सदस्य नामित किया गया है।
अपर मुख्य सचिव गृह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पांच आईपीएस अफसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप संबंधी एसएसपी नोएडा के 26 नवंबर के पत्र की एडीजी मेरठ को सौंपी गई जांच को समाप्त कर दिया गया है।
अब इस मामले की जांच नए सिरे से एसआईटी द्वारा की जाएगी। एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। एसआईटी आवश्यकतानुसार अन्य अधिकारी को भी अपनी टीम में शामिल कर सकती है।
इन अधिकारियों पर लगे थे आरोप
वैभव कृष्ण की रिपोर्ट में संगठित गिरोह चलाने वाले कथित पत्रकारों की गिरफ्तारी, उनके बयान और साक्ष्यों के आधार पर पांच आईपीएस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें एसपी रामपुर- अजय पाल शर्मा, एसएसपी गाजियाबाद सुधीर कुमार सिंह, एसपी बांदा गणेश प्रसाद साहा, एसपी सुल्तानपुर हिमांशु कुमार और एसएसपी एसटीएफ राजीव नारायण मिश्रा शामिल हैं।
इसके अलावा मुख्य सचिव कार्यालय में मीडिया निदेशक रहे दिवाकर खरे, पीसीएस अधिकारी गुलशन कुमार और रजनीश पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
किस पर क्या लगे हैं आरोप
अजय पाल शर्मा-नोएडा में पत्रकारिता की आड़ में संगठित गिरोह चलाने के आरोप में चार पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में पाया गया था कि ये पत्रकार नोएडा के पूर्व एसएसपी अजय पाल शर्मा के संपर्क में थे। अजय पाल शर्मा और चंदन राय के बीच बातचीत की दो ऑडियो क्लिप भी मिली, जिसमें 80 लाख रुपये में मेरठ में पोस्टिंग का सौदा तय किया जा रहा था। 50 प्रतिशत एडवांस और बाकी पैसे पोस्टिंग के एक माह के अंदर देने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
सुधीर कुमार सिंह- नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चंदन राय और एसएसपी गाजियाबाद सुधीर कुमार सिंह के बीच एसएमएस चैट का भी ब्यौरा मिला था। इसमें संजय शर्मा नाम के इंस्पेक्टर को सिहानी गेट थाने का चार्ज देने के लिए कहा जा रहा है। सिहानी गेट के लिए मना करने पर विजय नगर थाने का चार्ज देने की बात कही जा रही है। एसएसपी ताकीद करते हैं कि बात इधर-उधर न हो और वह मिलने के लिए शाम को बुलाते हैं।
गणेश प्रसाद साहा-रिपोर्ट में चंदन राय और साहा के बीच एसएमएस के जरिए हुई बात चीत का विवरण दिया गया है। जिसमें चंदन गाड़ी निकलवाने के लिए पैसे भेजने का जिक्र किया गया है। जिसमें गाड़ियों को निकलवाने से पहले टोकन देने की बात कही गई है।
हिमांशु कुमार- हिमांशु कुमार और चंदन राय व अतुल शुक्ला के बीच बातचीत में बिजनौर के लिए 30 लाख रुपये, बरेली के लिए 40 लाख रुपये और आगरा के लिए 50 लाख रुपये का जिक्र है।
राजीव नारायण मिश्रा- कुशीनगर में तैनाती के दौरान राजीव नारायण और नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए नितीश पांडेय के बीच व्हाट्स एप चैट का जिक्र रिपोर्ट में किया गया है। इन लोगों के बीच चौकियों पर तैनाती व सिपाहियों के स्थानांतरण का जिक्र है। गिरफ्तार किए गए अतुल शुक्ला के संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय में तैनात दिवाकर खरे से संबंध होने और पीसीएस अधिकारी गुलशन कुमार और रजनीश की पोस्टिंग कराने का जिक्र भी रिपोर्ट में किया गया है।