{"_id":"5efcf0638ebc3e42c0412cbc","slug":"shopkeeper-can-get-ownership-rights-to-mohan-market-shops107","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अमीनाबाद मोहन मार्केट के दुकानदारों का मामला, 315 को मालिकाना हक देने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमीनाबाद मोहन मार्केट के दुकानदारों का मामला, 315 को मालिकाना हक देने की तैयारी
Thu, 02 Jul 2020 01:14 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2020 01:14 PM IST
विज्ञापन
नगर निगम लखनऊ
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम की अमीनाबाद मोहन मार्केट में 315 दुकानदारों को मालिकाना हक दिए जाने की तैयारी हो रही है। दुकानों को बेचा जाए या नहीं, इसे लेकर नगर निगम कार्यकारिणी की गुरुवार को होने वाली बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके अलावा विकास कार्य, देनदारी भुगतान और 14वें वित्त मद से अब बदली वित्तीय स्थिति में कौन से काम कराए जाएं, इसे लेकर प्रस्ताव आएगा। इसके चलते विवाद व हंगामा होने के पूरे आसार हैं।
विज्ञापन
आएगा यह संशोधित प्रस्ताव
दाउद नगर औैर राजाजीपुरम में बिजलीघर बनाने के लिए लेसा को पहले आवासीय दर पर जमीन दिए जाने का प्रस्ताव बना था, लेकिन कार्यकारिणी ने उसे स्थगित कर यह कहा था कि लेसा को व्यावसायिक दर पर जमीन दी जाए। इसके लिए नया प्रस्ताव बनाया जाए।
विज्ञापन
Trending Videos
हाउस टैक्स में छूट का कोई प्रस्ताव इस बार नहीं
पिछली कार्यकारिणी में पार्षद रुपाली गुप्ता का 600 वर्गमीटर तक के भवनों को जलकर और गृहकर में छूट दिए जाने का प्रस्ताव आया था। यह नगर निगम अधिनियम के तहत न होने के कारण निरस्त कर दिया गया। इसके बाद यह चर्चा थी कि अब 600 वर्गफीट तक के भवनों को छूट दिए जाने का प्रस्ताव आएगा, लेकिन जानकारों ने बताया कि अब ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आ रहा है।
इन प्रस्तावों पर हो सकता है विवाद
- बीते वित्तीय वर्ष के वेे काम जो शुरू ही नहीं, उनको नए वित्तीय वर्ष की देनदारी सूची में शामिल करना।
- वेतन भुगतान के बाद 14वां वित्त मद के बचे करीब 50 करोड़ रुपये से अब कौन-कौन से काम कराए जाएं।
- 14वें वित्त मद की पुरानी सूची से कौन-कौन से काम अब हटाए जाएं।
- नगर निगम निधि से ठेेकेदारों का बकाया भुगतान करना।
इन प्रस्तावों पर हो सकता है विवाद
- बीते वित्तीय वर्ष के वेे काम जो शुरू ही नहीं, उनको नए वित्तीय वर्ष की देनदारी सूची में शामिल करना।
- वेतन भुगतान के बाद 14वां वित्त मद के बचे करीब 50 करोड़ रुपये से अब कौन-कौन से काम कराए जाएं।
- 14वें वित्त मद की पुरानी सूची से कौन-कौन से काम अब हटाए जाएं।
- नगर निगम निधि से ठेेकेदारों का बकाया भुगतान करना।