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UP News: शिक्षामित्रों ने भी मांगी बीमा कटौती की राशि, कहा- 2014 से 2017 तक शिक्षक के रूप में किया कार्य
Tue, 13 Sep 2022 05:38 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 13 Sep 2022 05:38 PM IST
सार
शिक्षामित्रों ने अपने बीमा के लिए काटे गए प्रीमियम की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिक्षक रहने के दौरान के हर महीने उनके 87 रुपये काटे गए थे। उसे वापस किया जाए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
पॉलिसी बंद होने के बावजूद परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों के वेतन से 2014 से लगातार की गई प्रीमियम कटौती में शिक्षामित्रों ने भी अपना हिस्सा बताया है।
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उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ का कहना है कि 2 अगस्त, 2014 से 25 जुलाई, 2017 तक प्रदेश के एक लाख 37 हजार शिक्षामित्र भी शिक्षक थे। ऐसे में उनका भी इस दौरान 87 रुपये प्रति माह कटा था। इसलिए विभाग उस दौरान शिक्षक पद पर समायोजित किए गए शिक्षामित्रों की बीमा कटौती की राशि भी वापस करें।
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संघ के अध्यक्ष अनिल यादव के अनुसार 2014 से पॉलिसी बंद होने के बाद भी हो रही प्रीमियम कटौती को बंद करने के आदेश पिछले दिनों हुए थे। इसमें शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों के वेतन से कटौती की बात तो हो रही है लेकिन शिक्षामित्रों की नहीं कर रहा। वहीं, बेसिक शिक्षा परिषद ने पॉलिसी बंद होने के बावजूद प्रीमियम भरने वाले शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मियों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।
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इसके बाद काटी गई बीमा राशि की वापसी या उसके अन्य शिक्षक हित में इस्तेमाल पर विचार होगा। इस संबंध में परिषद के वित्त नियंत्रक रवींद्र कुमार ने सभी वित्त एवं लेखाधिकारियों को पत्र जारी किया है।