फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   SGPGI: There was cancer in the esophagus, the life was saved by surgery

एसजीपीजीआई : खाने की नली में था कैंसर, सर्जरी करके बचाई जान, ऐसी पहली सर्जरी होने का डॉक्टरों ने किया दावा

Wed, 14 Sep 2022 08:07 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 14 Sep 2022 08:07 PM IST
सार

शाहजहांपुर निवासी साजिद को 10 साल पहले पैंक्रिएटाइटिस की समस्या हुई थी। उस समय सर्जरी करके उनको राहत मिल गई। पिछले दिनों उनको खाना निगलने में समस्या होने लगी। समस्या बढ़ने पर उन्होंने पीजीआई में दिखाया। जांच करने पर पता चला कि खाने की नली में कैंसर की समस्या है।

विज्ञापन
SGPGI: There was cancer in the esophagus, the life was saved by surgery
पीजीआई - फोटो : amar ujala

विस्तार

संजय गांधी परास्नातक आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों ने खाने की नली में कैंसर से जूझ रहे मरीज की सर्जरी करके उसे नया जीवन दिया है। दावा है कि विशेष तकनीक से सर्जरी का देश भर में यह पहला मामला है। 30 वर्षीय युवक को खाने का कौर तक निगलने में समस्या हो रही थी। जांच करने में कैंसर की पुष्टि हुई। इस सर्जरी को थोरेको लेप्रोस्कोपिक मैकियान प्रोसीजर विथ अनयूजुअल आर्टरी नाम दिया गया है। सर्जरी के दौरान अमाशय को खींचकर खाने की नई नली बनाई गई। नई नली को गले में जोड़ा गया तथा निष्क्रिय रहने वाली धमनी के माध्यम से रक्त प्रवाह सुनिश्चित किया गया।

विज्ञापन


शाहजहांपुर निवासी साजिद को 10 साल पहले पैंक्रिएटाइटिस की समस्या हुई थी। उस समय सर्जरी करके उनको राहत मिल गई। पिछले दिनों उनको खाना निगलने में समस्या होने लगी। समस्या बढ़ने पर उन्होंने पीजीआई में दिखाया। जांच करने पर पता चला कि खाने की नली में कैंसर की समस्या है। संस्थान के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों देश में अब तक उपयोग नहीं की गई तकनीक का उपयोग करके सर्जरी करने का फैसला किया। इस सर्जरी को विशेषज्ञ जर्नल के माध्यम से प्रकाशित किया जाएगा।
विज्ञापन


पहले हो चुके ऑपरेशन की वजह से आई समस्या
पीजीआई प्रशासन के अनुसार मरीज को क्रॉनिक पैंक्रिएटाइटिस के इलाज के लिए सर्जरी करानी पड़ी थी। इसकी वजह से पैंक्रियाज की नली को छोटी आंत से जोडा गया। इस दौरान आमाशय को रक्त देने वाली नली को निष्क्त्रिस्य कर दिया गया था। इसकी वजह से दूसरी सर्जरी में समस्या था। इसको देखते हुए सबसे पहले कीमोथेरेपी के जरिए खाने में नली में मौजूद गांठ को छोटा किया गया। इसके बाद खाने की नली को हटाया गया। अमाशय को खींचकर नई खाने की नली को बनाकर जोड़ा गया। इसमें सबसे बड़ी समस्या नई बनी खाने की नली में रक्त प्रवाह की थी। इसका विकल्प अमाशय में मौजूद निष्क्रिय नली, जिसे राइट गैस्ट्रिक आर्टरी कहते हैं, का उपयोग किया गया। इससे रक्त प्रवाह की स्थिति का पता लगाने के लिए डाई डालकर जांच की गई। रक्तप्रवाह सुनिश्चित होने पर इसे नई बनी खाने की नली में डाल दिया गया। अब साजिद स्वस्थ हैं तथा आसानी से भोजन कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन्होंने की सर्जरी
मुख्य सर्जन प्रो. अशोक कुमार, प्रो. नलिनीकांत, डॉ. रवींद्र, डॉ. साईं कृषणा, प्रो. संजय क्यूबा, डॉ. प्रज्ञा, डॉ. प्रतिभा, नर्सिंग ऑफिसर सुशीला, स्वीटी, नित्या, संतोष और अनीता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed