Lucknow: नए सत्र में भी नहीं बदले हालात, अनफिट वाहनों से स्कूल जा रहे बच्चे, सुरक्षा मानकों की हो रही अनदेखी
लखनऊ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन स्कूली वाहनों की हालत अब भी जस की तस है। कई स्कूली वैन पुराने, अनफिट और मानकों से परे हैं।
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विस्तार
केस-1
हजरतगंज स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल के बाहर बृहस्पतिवार दोपहर खड़ी स्कूली वैन (यूपी 3 2एएन 7769) का पिछला टायर फटा और अगला घिसा हुआ था। इन्हीं टायरों के भरोसे वैन स्कूली बच्चे ढो रही थी।
केस-2
महानगर स्थित माउंटफोर्ड स्कूल के बाहर वैन में जुगाड़ की सीट लगाकर बच्चों को बैठाया जा रहा था। वैन में अग्निशमन यंत्र भी नहीं था। कई वैन की बैकलाइट तक टूटी हुई थी।
केस-3
आशियाना के सेक्टर-एच स्थित स्टेला मैरिस स्कूल के वाहनों (यूपी 32 ईजेड 4349 एवं यूपी 32 एचटी 4507) में ड्राइवर का विवरण नहीं था। इनकी खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल भी नहीं थी। वैन (यूपी 32 ईएन 9745) में सामने नंबर प्लेट ही नहीं थी। कई प्राइवेट वाहन भी बच्चों को ढो रहे थे।
एक जुलाई से स्कूलों का नया सत्र शुरू हो चुका है। हालांकि, राजधानी में बच्चों को लाने-छोड़ने वाले स्कूली वाहनों की हालत नहीं सुधरी है। इनकी बदहाली बृहस्पतिवार को एक बार फिर उजागर हुई। हजरतगंज से लेकर आशियाना, महानगर और अन्य इलाकों में ऐसे ही अनफिट स्कूली वाहनों से बच्चे ढोए जा रहे हैं। वाहन मानकों की अनदेखी कर दौड़ रहे हैं। ऐसे में हादसे की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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परिवहन विभाग अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चला रहा है, लेकिन सड़कों पर अब भी अनफिट वाहन दौड़ रहे हैं। विभाग ने कुछ दिन पहले ही अनफिट, कंडम स्कूली वाहनों के आंकड़े जारी किए थे। बावजूद इसके इनकी हालत में सुधार के प्रयास नहीं किए गए।
राजधानी में 1915 स्कूली-शैक्षणिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 183 वाहन 15 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं। फिर भी कंडम वाहन दौड़ रहे हैं। 258 वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस व परमिट या फिर दोनो खत्म हो चुके हैं। 122 वाहन वे हैं, जिनकी फिटनेस नहीं है और 208 के परमिट खत्म हो गए हैं। 72 वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस व परमिट दोनों नहीं है और 58 में सिर्फ फिटनेस नहीं है, पर परमिट है। राजधानी में सिर्फ 1474 वाहन ही चलने लायक हैं।
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स्कूली वाहनों के लिए मानक
- वाहन का रंग पीला हो। आगे विद्यालय बस या वैन लिखा होना चाहिए। स्कूल का नाम, ड्राइवर का विवरण वाहन पर लिखा हो।
- वैन में क्रॉस शीशे लगे हों, दरवाजे के लॉक अच्छे होने चाहिए।
- सीट बेल्ट, आपात स्थिति के लिए अलार्म, घंटी या सायरन हो।
- फर्स्ट एड बॉक्स व अग्निशमन यंत्र हो।
- सीएनजी वाहन में सिलिंडर के ऊपर सीट न हो।
आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। चेकिंग के दौरान ऐसे वाहनों के पकड़े जाने पर वाहन मालिकों व स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर तक की होगी।