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केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में संदिग्ध बॉक्स से मचा हड़कंप
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टीले वाली मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज की कड़ी चौकसी के बीच केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में लावारिस हालत में थर्माकोल बॉक्स मिलने से हड़कंप मच गया।
बॉक्स पर सेलोटेप लगा था। पुलिस और बम निरोधक दस्ते को सूचना दी गई। ट्रॉमा से बाहर लाकर बॉक्स को खोलने पर पानी की बोतल और पॉलिथीन मिली।
अधिकारियों का मानना है कि माहौल खराब करने के लिए किसी अराजक तत्व की यह साजिश हो सकती है। सीसीटीवी कैमरे खंगालकर पड़ताल की जा रही है।
ट्रॉमा में सुबह आठ बजकर 10 मिनट के करीब प्रथम तल पर साफ-सफाई का काम चल रहा था। तभी वहां से गुजर रहीं सिस्टर इंचार्ज की नजर थर्माकोल के बॉक्स पर पड़ी।
उन्होंने इसके बारे में आसपास खड़े लोगों से पूछताछ की। किसी के आगे न आने पर गार्ड से पूछताछ करने को कहा गया। जवाब न मिलने पर मामले की जानकारी जनसंपर्क अधिकारी को दी गई।
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साथ ही होल्डिंग एरिया के प्रभारी डॉ. अमिय अग्रवाल, आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. समीर कुमार और ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. समीर मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। केजीएमयू चौकी प्रभारी ने उच्च अधिकारियों को जानकारी दी।
इंतजार के बजाय पुलिस ने खोला बॉक्स
पुलिस ने मामले की सूचना बम निरोधक दस्ते को दी थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस के अधिकारी बॉक्स को घसीटकर बाहर ले आए। एसीपी आईपी सिंह, चौक कोतवाली निरीक्षक प्रभात कुमार मिश्र, सब इंस्पेक्टर योगेश सिंह, सिपाही रमेश और अमित मौके पर पहुंच गए थे। बॉक्स को एहतियात के साथ खोला। गनीमत रही कि पानी की बोतलें और पन्नी आदि मिलीं। माना जा रहा है कि संदिग्ध बॉक्स ट्रॉमा में रात के वक्त रखा गया हो। इसे देखते हुए फुटेज खंगाली जा रही हैं। जांच के बाद सच्चाई सामने आ सकेगी।
ट्रॉमा में रहती है एक हजार से ज्यादा की भीड़
ट्रॉमा में 24 घंटे इलाज होता है। कोई भी समय ऐसा नहीं होता है जबकि इस भवन में एक हजार से कम लोगों की भीड़ रहती है। यहां साढ़े चार सौ के करीब बेड और 150 स्ट्रेचर हैं। हर मरीज के साथ दो से तीन तीमारदार, दो सौ से अधिकार डॉक्टर और कर्मचारी तथा अन्य स्टाफ रहता है।
सूचना पर ट्रामा सेंटर में मौके पर संदिग्ध बॉक्स की जांच की गई। उसमें पानी की बोतल व प्लास्टिक के थैले थे। पुलिस ने बॉक्स वहां से हटा दिया है। कोई ऐसा सामान नहीं मिला इससे अशांति फैले। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले हैं।
- आईपी सिंह, एसीपी चौक
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बॉक्स पर सेलोटेप लगा था। पुलिस और बम निरोधक दस्ते को सूचना दी गई। ट्रॉमा से बाहर लाकर बॉक्स को खोलने पर पानी की बोतल और पॉलिथीन मिली।
अधिकारियों का मानना है कि माहौल खराब करने के लिए किसी अराजक तत्व की यह साजिश हो सकती है। सीसीटीवी कैमरे खंगालकर पड़ताल की जा रही है।
ट्रॉमा में सुबह आठ बजकर 10 मिनट के करीब प्रथम तल पर साफ-सफाई का काम चल रहा था। तभी वहां से गुजर रहीं सिस्टर इंचार्ज की नजर थर्माकोल के बॉक्स पर पड़ी।
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उन्होंने इसके बारे में आसपास खड़े लोगों से पूछताछ की। किसी के आगे न आने पर गार्ड से पूछताछ करने को कहा गया। जवाब न मिलने पर मामले की जानकारी जनसंपर्क अधिकारी को दी गई।
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साथ ही होल्डिंग एरिया के प्रभारी डॉ. अमिय अग्रवाल, आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. समीर कुमार और ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. समीर मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। केजीएमयू चौकी प्रभारी ने उच्च अधिकारियों को जानकारी दी।
इंतजार के बजाय पुलिस ने खोला बॉक्स
पुलिस ने मामले की सूचना बम निरोधक दस्ते को दी थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस के अधिकारी बॉक्स को घसीटकर बाहर ले आए। एसीपी आईपी सिंह, चौक कोतवाली निरीक्षक प्रभात कुमार मिश्र, सब इंस्पेक्टर योगेश सिंह, सिपाही रमेश और अमित मौके पर पहुंच गए थे। बॉक्स को एहतियात के साथ खोला। गनीमत रही कि पानी की बोतलें और पन्नी आदि मिलीं। माना जा रहा है कि संदिग्ध बॉक्स ट्रॉमा में रात के वक्त रखा गया हो। इसे देखते हुए फुटेज खंगाली जा रही हैं। जांच के बाद सच्चाई सामने आ सकेगी।
ट्रॉमा में रहती है एक हजार से ज्यादा की भीड़
ट्रॉमा में 24 घंटे इलाज होता है। कोई भी समय ऐसा नहीं होता है जबकि इस भवन में एक हजार से कम लोगों की भीड़ रहती है। यहां साढ़े चार सौ के करीब बेड और 150 स्ट्रेचर हैं। हर मरीज के साथ दो से तीन तीमारदार, दो सौ से अधिकार डॉक्टर और कर्मचारी तथा अन्य स्टाफ रहता है।
सूचना पर ट्रामा सेंटर में मौके पर संदिग्ध बॉक्स की जांच की गई। उसमें पानी की बोतल व प्लास्टिक के थैले थे। पुलिस ने बॉक्स वहां से हटा दिया है। कोई ऐसा सामान नहीं मिला इससे अशांति फैले। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले हैं।
- आईपी सिंह, एसीपी चौक