{"_id":"6002cbe41320a83a4a3840bc","slug":"search-operation-for-rohingya-starts-in-uttar-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी में छिपे दो हजार से अधिक रोहिंग्या की तलाश शुरू, स्टेट इंटेलीजेंस व एटीएस को सौंपी जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी में छिपे दो हजार से अधिक रोहिंग्या की तलाश शुरू, स्टेट इंटेलीजेंस व एटीएस को सौंपी जिम्मेदारी
Sat, 16 Jan 2021 04:50 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 16 Jan 2021 04:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांग्लादेश के रास्ते यूपी में अवैध रूप से पहुंचे दो हजार से अधिक रोहिंग्या की तलाश शुरू हो गई है। अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी स्टेट इंटेलीजेंस, एटीएस और जिलों की पुलिस को सौंपी गई है।
विज्ञापन
एटीएस रोहिंग्या के उस हवाला नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है, जिसके माध्यम से ये बांग्लादेश व म्यांमार में पैसे भेज रहे हैं।
उधर, आईजी एटीएस जीके गोस्वामी ने बताया कि संतकबीरनगर के खलीलाबाद से गिरफ्तार रोहिंग्या अजीजुल हक का पासपोर्ट बनाने वाले नरेश की तलाश में एटीएस ने गुजरात के अहमदाबाद में छापा मारा। पर आरोपी के गिरफ्तार होने की पुष्टि नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
वहीं, सूत्रों का कहना है कि कि हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किए जाने की जानकार रोहिंग्या अजीजुल ने ही एटीएस को दी थी। उसने पूछताछ में रोहिंग्या के संतकबीनगर, सिद्धार्थनगर, अलीगढ़ और मेरठ में रहने की बात भी बताई थी।
विज्ञापन
इस मामले में जांच से जुड़े एटीएस के अफसर बताते हैं कि अजीजुल ने कई रोहिंग्या से कमीशन लेकर उसे भारत लाने की बात कुबूली है। उसने यह भी बताया है कि उसका बहनोई नूर आलम भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
अजीजुल के पांच बैंक खातों में रकम जमा कराई गई है। इस जानकारी के बाद एटीएस रोहिंग्या के नेटवर्क के पीछे टेरर फंडिंग के तार जुड़े होने पर गौर कर रही है।