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Lucknow News: वैज्ञानिकों ने जानीं अन्नदाताओं की चुनौतियां
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लखनऊ। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान विकसित कृषि संकल्प के पहले दिन शुक्रवार को वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं से निकले और काकोरी, सरोजनीनगर व चिनहट के इलाकों के गांवों, खेतों तक किसानों से सीधा संवाद किया। मकसद था अन्नदाताओं की खेती-किसानी से संबंधित चुनौतियों व समस्याओं का हल निकालना।
चिनहट की पंचायतों दुग्गौर, रैथा और पश्चिम गांव में हुई गोष्ठी में वैज्ञानिकों ने बताया कि जैविक खेती से बिना खतरनाक रसायनों के ही उपज बढ़ा सकते हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
सरोजनीनगर ब्लॉक के कुरौनी, सरैया और नीवा में कृषि वैज्ञानिक व अधिकारियों ने मिट्टी के स्वास्थ्य, खाद-कीटनाशकों की सुरक्षित मात्रा पर बात हुई। एडीओ कृषि रामगोपाल ने पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम और फार्म मशीनरी बैंक पर चर्चा की। एडीओ विकेश यादव ने कृषि रसायनों और उनके सुरक्षित मात्रा में इस्तेमाल की जानकारी दी। काकोरी के गांवों जलियामऊ, भलिया और दोना में वैज्ञानिकों ने किसानों से संवाद किया। सीआईएसएच के वैज्ञानिक डॉ. दिनेश सिंह, एडीओ कृषि योगेश शर्मा, सुमित प्रधान, कमलेश कुमार ने बताया कि फसलों में लगे रोगों की पहचान पहले जरूरी है। फिर विशेषज्ञों से सुझाव के बाद ही उसमें सटीक कीटनाशक डालें।
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चिनहट की पंचायतों दुग्गौर, रैथा और पश्चिम गांव में हुई गोष्ठी में वैज्ञानिकों ने बताया कि जैविक खेती से बिना खतरनाक रसायनों के ही उपज बढ़ा सकते हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
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सरोजनीनगर ब्लॉक के कुरौनी, सरैया और नीवा में कृषि वैज्ञानिक व अधिकारियों ने मिट्टी के स्वास्थ्य, खाद-कीटनाशकों की सुरक्षित मात्रा पर बात हुई। एडीओ कृषि रामगोपाल ने पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम और फार्म मशीनरी बैंक पर चर्चा की। एडीओ विकेश यादव ने कृषि रसायनों और उनके सुरक्षित मात्रा में इस्तेमाल की जानकारी दी। काकोरी के गांवों जलियामऊ, भलिया और दोना में वैज्ञानिकों ने किसानों से संवाद किया। सीआईएसएच के वैज्ञानिक डॉ. दिनेश सिंह, एडीओ कृषि योगेश शर्मा, सुमित प्रधान, कमलेश कुमार ने बताया कि फसलों में लगे रोगों की पहचान पहले जरूरी है। फिर विशेषज्ञों से सुझाव के बाद ही उसमें सटीक कीटनाशक डालें।
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