यूपी : कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल 30 अप्रैल तक बंद किए गए, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश
- कोरोना मरीजों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूल 30 अप्रैल तक के लिए बंद करने की घोषणा की है।
- जिन स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं वहां परीक्षाएं चलती रहेंगी।
- प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे पर जिन स्कूलों में परीक्षा हो रही है। उन्हें परीक्षाएं पूरी करने तक का समय दिया जाएगा।
- कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर प्रदेश में हर रोज नया रिकॉर्ड बना रही है। यूपी में पहली बार कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा पांच अंकों में पहुंच गया है।
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उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रतिबंध और बढ़ा दिए गए हैं। पहली से बारहवीं तक के सभी स्कूल और कोचिंग संस्थान 30 अप्रैल तक बंद कर दिए गए हैं। हालांकि पूर्व निर्धारित परीक्षाएं हो सकेंगी। वहीं, शादी समेत अन्य सार्वजनिक समारोहों में मेहमानों की संख्या और सीमित कर दी गई है।
समारोह अगर बंद स्थान पर है तो निर्धारित क्षमता के 50 फीसदी, लेकिन एक समय में अधिकतम 50 मेहमानों की ही अनुमति होगी। वहीं, खुले स्थान पर कार्यक्रम में क्षमता से 50 फीसदी, लेकिन एक समय में अधिकतम 100 से ज्यादा लोग नहीं रहेंगे। यही नहीं, मंदिरों में प्रसाद चढ़ाने और कलावा बांधने पर भी रोक लगा दी गई है। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन करना होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में रविवार को कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम से जुड़ी कार्यवाही की समीक्षा के दौरान टीम-11 की बैठक में स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बताया कि 28 अप्रैल से परिषदीय स्कूलों में होने वाले असेस्मेंट भी नहीं होंगे। सीएम के साथ बैठक के बाद मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने कोरोना की नई गाइडलाइन भी जारी कर दी।
इस बीच, यूपी में रविवार को 15353 नए संक्रमित मरीज मिले, जबकि 67 मरीजों की मौत हो गई। राजधानी लखनऊ में 4,444 मरीज मिले जबकि 31 लोगों की जान चली गई। यूपी और राजधानी दोनों में यह नया रिकॉर्ड है। प्रदेश में अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 71,241 हो गई है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि अब तक 6,75,739 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 6,08,863 संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। मरीजों के ठीक होने की दर घटकर 90 प्रतिशत हो गई है। अब तक 9085 मरीजों की मौत हो चुकी है। एक्टिव मरीजों की संख्या 58,801 हो गई है। उन्होंने बताया कि शुकवार को प्रदेश में 2,12,213 नमूनों की जांच की गई।
21 जिलों में 100 से ज्यादा केस
लखनऊ, 4059, प्रयागराज 1460, वाराणसी 983, कानपुर नगर 706, गोरखपुर 422, मेरठ 236, झांसी 235, गौतमबुद्ध नगर 221, बलिया 188, जौनपुर 186, मुजफ्फर नगर 161, गाजियाबद 159, बरेली 144, गाजीपुर 140, बाराबंकी 139, रायबरेली 127, मथुरा 123, बस्ती 117, सुल्तानपुर 106, आगरा 104, मिर्जापुर 101
तीन और जिलों में नाइट कर्फ्यू
संक्रमण को देखते हुए प्रदेश के तीन और जिलों गोरखपुर, जौनपुर व बलिया में रात्रि कर्फ्यू लगा दिया गया है। यह 18 अप्रैल तक रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक प्रभावी रहेगा।
लखनऊ में 2000 आईसीयू बेड तत्काल तैयार करने के निर्देश
राजधानी लखनऊ में भयावह स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में दो हजार आईसीयू बेड तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए हैं। रविवार से बलरामपुर अस्पताल में 300 बेड पर मरीजों की भर्ती शुरू भी हो जाएगी। वहीं, एरा मेडिकल कॉलेज, टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज, इंटीग्रल मेडिकल कॉलेज को पूर्ण डेडिकेटेड अस्पताल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने शनिवार को लखनऊ में कोरोना की स्थिति को लेकर लोकभवन में उच्चस्तरीय बैठक में ये निर्देश दिए।
उन्होंने चिकित्सा शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, सचिव चिकित्सा शिक्षा को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाने वाले तीनों मेडिकल कॉलेजों व बलरामपुर चिकित्सालय में प्रशिक्षित मैनपावर के साथ ही वेंटिलेटर एवं हाई फ्लो नेजल कैजुला (एचएफएनसी) की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
राजधानी में व्यापक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर जोर
सीएम ने लखनऊ में व्यापक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर जोर दिया। कहा- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले 30 से 35 लोगों की कोविड जांच हो। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को एंबुलेंस सेवाओं से जोड़ने का भी निर्देश दिया।
धर्म स्थल पर एक साथ सिर्फ पांच को प्रवेश
पुलिस आयुक्त लखनऊ को पब्लिक एड्रेस सिस्टम को प्रभावी ढंग से संचालित कराने के निर्देश दिए। कहा, धर्म स्थलों में पांच से अधिक लोगों को एक साथ प्रवेश न मिले। बाजारों में व्यापारियों से संवाद कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए। मास्क का प्रयोग न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। कार्रवाई सद्भावपूर्ण एवं प्रेरक होनी चाहिए।
एक संक्रमित पर 25 मीटर का कंटेनमेंट जोन
एक संक्रमित मिलने पर 25 मीटर और इससे अधिक मिलने पर 50 मीटर के रेडियस में कंटेनमेंट जोन बनाने को कहा है। सभी पुलिस, स्वास्थ्य तथा स्वच्छता कर्मी आवश्यक रूप से मास्क और ग्लव्स का प्रयोग करें। कंटेनमेंट जोन में पीपीई किट का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए।
निगरानी समितियों को करें सक्रिय
सीएम ने निगरानी समितियों को सक्रिय करने का निर्देश दिया। उन्होंने मंडलायुक्त को बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट, चौराहों सहित भीड़-भाड़ वाले स्थानों की स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फॉगिंग कराने के निर्देश दिए।