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छात्रवृत्ति योजना में बड़ा घपला: परीक्षा में शामिल न होने वालों को भी दे दी छात्रवृत्ति

Sun, 08 Aug 2021 10:25 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 08 Aug 2021 10:25 AM IST
सार

विभागीय सूत्रों से मिले गोपनीय इनपुट के अनुसार, लखनऊ के दो फार्मेसी कॉलेज और एक फार्मेसी एंड साइंस इंस्टीट्यूट में ये गड़बड़ियां की गई हैं। 2019-20 में अनुसूचित जाति के ऐसे छात्रों से छात्रवृत्ति के लिए द्वारा ऑनलाइन आवेदन कराया गया, जो राज्य स्तर पर होने वाली प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नहीं हुए थे।

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Scholorship scam in Lucknow and Hathras.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

विस्तार

छात्रवृत्ति योजना में एक और बड़ा घपला सामने आया है। यह लखनऊ व हाथरस से जुड़ा है। इसमें ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम पॉलीटेक्निक-यूपी(जीकप), आयुर्वेदिक व यूनानी बोर्ड की राज्यस्तरीय परीक्षाओं में शामिल न होने वाले छात्रों को भुगतान कर दिया गया है, जबकि नियमानुसार परीक्षा में शामिल न होने पर न तो छात्रवृत्ति दी जा सकती थी और न ही शुल्क ही भरपाई हो सकती थी।

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विभागीय सूत्रों से मिले गोपनीय इनपुट के अनुसार, लखनऊ के दो फार्मेसी कॉलेज और एक फार्मेसी एंड साइंस इंस्टीट्यूट में ये गड़बड़ियां की गई हैं। 2019-20 में अनुसूचित जाति के ऐसे छात्रों से छात्रवृत्ति के लिए द्वारा ऑनलाइन आवेदन कराया गया, जो राज्य स्तर पर होने वाली प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नहीं हुए थे। नियमानुसार, वे छात्रवृत्ति व शुल्क पाने के पात्र नहीं थे। इन्हीं संस्थानों ने यही सिलसिला वर्ष 2020-21 में भी जारी रखा और ऐसे छात्रों को भुगतान भी किया गया। इन मामलों में प्रथम दृष्टया कॉलेज प्रबंधन के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग के कर्मियों को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
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इसी तरह से इन दोनों वर्षों में हाथरस में भी गड़बड़ियां की गईं। आयुष नर्सिंग व फार्मेसी संस्थानों में अनुसूचित जाति के ही अपात्र छात्रों को योजना का लाभ दिया गया। हाथरस में अभी तक तीन संस्थानों में ये घपले सामने आ चुके हैं।
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सूत्रों का कहना है कि अगर प्रदेश में ये पाठ्यक्रम चला रहे अन्य संस्थानों की भी जांच करा ली जाए तो और घपले सामने आ सकते हैं। वहीं, प्रमुख सचिव, समाज कल्याण के. रविंद्र नायक ने कहा कि मामलों की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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