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छात्रवृत्ति घोटाला: 65 करोड़ रुपये के घोटाले के पुख्ता साक्ष्य मिले, एसआईटी ने भी की तीनों की गिरफ्तारी

Thu, 27 Jul 2023 07:21 AM IST
शाहरुख खान सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 27 Jul 2023 07:21 AM IST
सार

छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को 65 करोड़ रुपये के घोटाले के पुख्ता सबूत मिले हैं। जांच में घोटाले की परतें खुल रही हैं। ईडी ने जिन आरोपियों को जेल भेजा था, एसआईटी ने अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। सितंबर तक चार्जशीट लगाने का समय है।

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Scholarship scam: Strong evidence found of Rs 65 crore scam, SIT also arrested all three
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छात्रवृत्ति घोटाले की परतें अब खुल रही हैं। एसआईटी की जांच में अब तक 65 करोड़ रुपये के घोटाले के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। हाइजिया ग्रुप के संचालकों पर शिकंजा और मजबूत होता जा रहा है। उधर घोटाले में ईडी ने जिन तीनों आरोपियों को जेल भेजा था, एसआईटी ने भी अब उनकी गिरफ्तारी कर ली है। पिछले सप्ताह ही इससे संबंधित न्यायालय की पूरी कार्रवाई कर ली है। 
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अब एसआईटी के पास सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने का वक्त है। ईडी ने छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा किया था। मनी लांडि्रंग का केस दर्ज कर हाइजिया ग्रुप के संचालकों इजहार हुसैन जाफरी, अली अब्बास जाफरी और रवि प्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 
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इधर शासन के आदेश पर हजरतगंज पुलिस ने 30 मार्च 2023 को प्रकरण में एफआईआर दर्ज की थी। जिसमें सौ करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई थी। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने केस की विवेचना के लिए एसआईटी गठित की थी। तब से लगातार ईडी के साथ साथ एसआईटी विवेचना कर रही है। 
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सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच में अब तक 65 करोड़ रुपये के घोटाले की पुष्टि हो चुकी है। इसमें दिव्यांग छात्रों के नाम पर करीब 35 करोड़ व अन्य छात्रों के नाम पर 30 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति ली गई। फिलहाल विवेचना जारी है। घोटाले की राशि बढ़ सकती है।

लकी जाफरी से की पूछताछ, मेडिकल ग्राउंड का मिल रहा लाभ
एसआईटी ने विवेचना की शुरुआत में सबसे पहले जेल में बंद इलहार, अली अब्बास और रवि प्रकाश से कोर्ट से अनुमति लेकर पूछताछ की। सुबूत जुटाए। उसके बाद अब गिरफ्तारी की।

केस के नामजद आरोपी लकी जाफरी के खिलाफ भी ईडी के बाद एसआईटी के हाथ अहम सुबूत मिले हैं। चूंकि वह मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत पर है। लिहाजा उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई। दस संस्थानों के कुल 18 आरोपी केस में हैं। 14 आरोपियों के खिलाफ तफ्तीश जारी है। जल्द उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती हैं।
 

गवाह बनाने की तैयारी
एफआईआर में फिनो बैंक के कर्मचारी और अधिकारी भी आरोपी हैं। सूत्रों के मुताबिक बैंक कर्मियों के खिलाफ अब तक घोटाले में शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। ईडी और एसआईटी को बैंक प्रशासन ने घोटाले संबंधित सभी दस्तावेज आदि उपलब्ध कराए हैं। जानकारी के मुताबिक बैंक कर्मियों को गवाह बनाने की तैयारी है। जो आरोपियों के खिलाफ बेहद अहम साबित होने की अंदेशा है।
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